बिजली बचाने को लग रहा पलीता ।सारा दिन जलती स्ट्रीट लाइट बेखबरप्रशासन

नसीम खान
सांची,,, वैसे तो बिजली पानी बचाने की प्रशासन बडी बडी बातें करता दिखाई देता है तथा नागरिकों को बिजली पानी बचत के लिये खूब नसीहतें दी जाती हैं परन्तु जब प्रशासन स्वयं लापरवाह बन बैठे तथा अपने ही नियमों की धज्जियां उडानें लगे तब नागरिकों से उम्मीद करना बेमानी साबित हो जाता है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन एवं सम्बन्धित विभाग आम नागरिकों को समय समय पर नसीहत देते दिखाई देते है कि पानी की बचत करें जल ही जीवन है का नारा देते दिखाई देते है यही हाल बिजली का भी रहता है बिजली बचाओ जैसे नारे देना तो आम है परन्तु जब सम्बन्धित विभाग स्वयं ही इन नारो को ताक पर रख दें तब नागरिकों से बिजली पानी बचाने नारे एवं नसीहत बेमानी साबित होती हैं ।नगर भर में जब पेयजल आपूर्ति चालू होती हैं तब सडको पर पानी बहने लगता है तब सडको पर चलना मुश्किल होता है परन्तु प्रशासन पानी की बचत करने में स्वयं ही नाकाम साबित हो जाता है तथा सडको पर पानी बहता रहता है इस सडको पर बहने वाले पानी सडको पर लगे नल कनेक्शन तथा नालियों का अभाव एवं नागरिकों द्वारा आपूर्ति होने के बाद भी नलों के चलते पानी बहते रहने इस ओर से प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना रहता है जिससे पानी बजाओ अभियान को पलीता लग जाता है यही हाल नगर में जलने वाली बिजली का भी बना रहता है नगर में काफी लंबे अरसे से स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं हालांकि अनेक बार अधिकारियों को इस सारा दिन जलने वाली बिजली से अवगत कराया जा चुका है परन्तु प्रशासन न तो देखने न ही सुनने को तैयार दिखाई देता है लगातार सारा दिन स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं इससे दिन मे जलने वाली बिजली का भार नगर वासियों को ही भोगना पड़ता है परन्तु प्रशासन है कि न तो सुनने न ही देखने को तैयार दिखाई देता है इससे जलने वाली चौबीस घंटे स्ट्रीट लाइट गर्म होकर या तो जल जाती है या फिर बिगड़ जाती है जिसका खामियाजा लोगों को अंधेरे में रहकर भुगतना पड़ता है तथा सारा दिन बिजली बिल का भार भी जनता को टेक्स के रूप में भुगतने पर मजबूर होना पडता है जब कि प्रशासन द्वारा प्रकाश कर के रूप में राशि वसूल कर जनता के पैसे को पलीता लगा डालता है दिनभर बिजली जलने से अक्सर बिजली केवल भी गर्म होकर जल उठती हैं जिससे घरों की बिजली भी गायब हो जाती है जबकि बिजली अधिकारी दिनभर स्ट्रीट लाइट जलने से अपना पल्ला झाड़ लेते हैं तथा अपनी उपयोग बिजली बिल सख्ती से वसूली कर लेते हैं परन्तु स्थानीय प्रशासन दिनभर जलने वाली बिजली का भार जनता पर थोप रही हैं बताया तो यहां तक जाता है स्थानीय प्रशासन के पास कोई कुशल बिजली कर्मचारी नहीं होने से स्थिति बिगड़ चुकी है ।परन्तु इस नगर की बिगडी व्यवस्था की ओर किसी का ध्यान नहीं पहुंच पा रहा है ।

  • Related Posts

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    भाक्ति के रंग में रंगा बेल्दी गांव, भंडारे का भी आयोजन रिपोर्ट राजर्षि मिश्राचैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के उमरिया जिले मानपुर जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम छोटी…

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    नसीमखान सांचीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया। एक माह के पवित्र रमजान के समापन पर आज बड़ी संख्या…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका