केंद्रीय मंत्री श्री रिजिजू ने सांची में भगवान बुद्ध के महान अनुयायी सारिपुत्र और महामोदग्लायान के अस्थि अवशेषों का किया वंदन ।।

नसीमखान
सांंची,, बौद्ध स्तूपों का भी किया सांची में आयोजित महाबोधी महोत्सव के दूसरे दिन भारत सरकार के अल्पसंख्यक तथा संसदीय कार्य विभाग मंत्री श्री किरेन रिजिजू द्वारा बौद्ध स्तूप परिसर में स्थित मंदिर में भगवान बुद्ध का वंदन किया गया। साथ ही भगवान बुद्ध के दो महान अनुयायी सारिपुत्र और महामोदग्लायान के अस्थि अवशेषों का वंदन किया गया। उन्होंने बौद्ध स्तूपों का भ्रमण भी किया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री रिजिजू ने कहा कि सांची का महान स्तूप तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। कई बार हम भारतीय इस बात का एहसास नहीं कर पाते कि हम कितने भाग्यशाली हैं और हमारी आध्यात्मिक और सभ्यता की धरोहर कितनी समृद्ध है।
‘चेटियागिरी विहार’ की स्थापना की 72वीं स्मृति समारोह में भाग लेकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूँ – यह इतिहास और आध्यात्मिकता की यात्रा है। उन्होंने बताया कि वंदनीय भिक्षुओं से बातचीत अत्यंत ज्ञानवर्धक रही, जिसने हमें हमारे दैनिक जीवन में करुणा और mindfulness (सावधानीपूर्ण जागरूकता) के शाश्वत मूल्यों को पुनः स्थापित करने की प्रेरणा दी।
सांची की दिव्य आभा का अनुभव कर खुद को वास्तव में धन्य महसूस किया।
महाबोधि महोत्सव, जिसे सांची महोत्सव भी कहा जाता है, 1952 में शुरू हुआ। उस समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष थे। उन्होंने गौतम बुद्ध के शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गल्लान के अवशेष ब्रिटिश म्यूजियम से वापस भारत लाए और उन्हें सांची स्तूप में स्थापित किया। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी के चीफ वानगल उपतिस नायक थेरो, सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर श्री अरविंद दुबे, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पाण्डे भी उपस्थित रहे। आज बौद्ध मेले में लाखों की भीड उमड पडी ।तथा रोड पार करना मुश्किल हो गया ।इस स्थल से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के कारण वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगी रही इसके साथ ही वाहनों का भोपाल विदिशा की ओर दो दो तीन तीन किमी तक लंबा जाम लगा रहा ।लोगो ने अपने वाहनों को सडक पर खडे करने तथा सडको तक काबिज होने के कारण यह स्थिति बन गई इस जाम मे जहाँ एम्बुलेंस फंसी दिखाई दी तो कुछ बडे बडे पुलिस क ई अफसरों के वाहन भी अपने निकलने के लिए सायरन की आवाज करते रहे ।इसके साथ ही सेना के वाहन भी इस जाम मे घंटों फंसे रहे पुलिस लगातार एक ओर जनता को रोड पार कराने दूसरी तरफ वाहनों को नियंत्रित करने की मश्क्कत करती दिखाई दी जिससे पूरी तरह अव्यवस्था बनी रही ।

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