मौसम का बदलाव ।फैलना शुरू हुई बीमारी ।

नसीमखान


सांची,,, मौसम का मिजाज बदलने लगा है बावजूद इसके ठहर ठहर कर मौसम अपने तेवर दिखा रहा है मौसम का मिजाज शरद गरम बना हुआ है इससे लोगों मे बीमारी फैलना शुरू हो गई है ।
जानकारी के अनुसार इन दिनों मौसम के मिजाज शरद गरम होने का सिलसिला जारी है हालांकि कडाके की ठंड से राहत तो मिल गई है मौसम में गर्माहट आ चुकी है बावजूद इसके ठंड लौट लौट कर अपने तेवर दिखा रही है वहीं मौसम भी गर्माहट भरा हो चला है इस मौसम के शरद गरम मिजाज के चलते नगर सहित क्षेत्र भर में विभिन्न बीमारियों ने भी अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिये हैं जिससे लोग बीमारी की जकड़न मे जकडे दिखाई देने लगे हैं जिससे विभिन्न बीमारियों मे बुखार खांसी सर्दी जुकाम शरीर दर्द सहित अन्य बीमारी से पीडित दिखाई दे रहे हैं अस्पताल में भी भीड दिखाई देने लगी तो लोगों को निजी डाक्टरों की क्लीनिक तक पहुचना पड रहा है इसके साथ ही लोग अपने उपचार के लिए विदिशा पहुंच कर सरकारी एवं निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे है ।इन विभिन्न बीमारियों के बढते प्रभाव से बचाव के लिए अभी तक सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने बचाव हेतु न तो कोई संदेश न ही कोई उपाय सुझाने के प्रयास किए हैं जिससे लोग फैलने वाली विभिन्न बीमारियों से बच सके ।
मौसम के बदलते मिजाज से मच्छरों की बढने लगी तादात
इन दिनों मौसम के बदलाव एवं शरदगरम होने से जहाँ बीमारी फैल रही हैं तो दूसरी ओर मच्छरों की तादाद बढना शुरू हो गई है ।हालांकि नगर के वार्डों में नप द्वारा अपने स्तर पर स्वच्छता अभियान अंतर्गत स्वच्छता तो की जाती हैं परंतु नगर में कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जो खाली पडे प्लाट एवं जगह जगह गड्ढे गंदगी की चपेट में दिखाई देते है जिनमे मच्छर पैदा होकर पूरे नगर भर के लोगों के कान पर अपनी धुन सुना रहे हैं इन मच्छरों की बढती संख्या को रोकने कहीं कोई कीटनाशक दवाओं का छिडकाव नहीं हो पाता ।हालांकि नगर भर मे कुछ साल पहले तक कीटनाशक दवाओं का छिडकाव किया जाता रहा इसके बाद छिडकाव से प्रशासन ने दूरी बना ली ।जिससे बीमारियों ने अपने पांव पसारना शुरू कर दिये हैं
नगर के कुछ क्षेत्रो को आज भी विकास एवं साफसफाई की दरकार ।
वैसे तो नगर में विकास के बडे बडे दावे वादे देखने सुनने को मिलते रहते हैं परंतु नगर के कुछ वार्डों में आज भी विकास एवं स्वच्छता की दरकार बनी हुई है इन क्षेत्रों से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह बेखबर बना हुआ है एक तरफ सडकों का कायाकल्प लाखों करोड़ों रुपए की लागत से बदला जा रहा है तो दूसरी तरफ सडकों एवं विकास के लिए कुछ क्षेत्रों को दरकार बनी हुई है इस ओर से स्थानीय प्रशासन भी खबर लेने की जहमत नहीं उठा पा रहा ।जिससे क्षेत्र में बीमारियों ने अपनी दस्तक दे दी है।

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