रिपोर्ट : राजश्री मिश्रा |Live Khabar India
उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिल्हारी के बस स्टैंड पर इन दिनों भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। बस स्टैंड पर आने-जाने वाले यात्रियों, ग्रामीणों एवं व्यापारियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सामुदायिक भवन चिल्हारी के पास पहले से एक हैंडपंप संचालित था, लेकिन भूजल स्तर गिरने के कारण वह सूख गया। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से शिकायत की गई, जिस पर बस स्टैंड परिसर में नया हैंडपंप खुदवाया गया। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे पेयजल समस्या का समाधान होगा, लेकिन नया हैंडपंप भी पानी नहीं दे पा रहा है और वह भी सूखा पड़ा हुआ है।
चिल्हारी क्षेत्र आसपास के दर्जनों गांवों का प्रमुख बाजार एवं आवागमन केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बस पकड़ने, खरीदारी एवं अन्य कार्यों से यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बस स्टैंड पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड पर स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि हैंडपंप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, तो वैकल्पिक व्यवस्था जैसे बोरवेल, टंकी या जलापूर्ति योजना के माध्यम से लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।
ग्रामीण लवकुश बर्मन ने बताया कि चिल्हारी बस स्टैंड पर लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पहले जो हैंडपंप संचालित था, वह सूख गया। शिकायत के बाद नया हैंडपंप खुदवाया गया, लेकिन उसमें भी पानी नहीं निकला। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन चिल्हारी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग बाजार और बस स्टैंड आते हैं, लेकिन पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्थायी पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि आमजन और यात्रियों को राहत मिल सके।
स्थानीय महिला उल्फत बी ने बताया कि बस स्टैंड पर पेयजल की सुविधा नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नया हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बस स्टैंड पर स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।





