JPSC-JSSC विवाद: जब भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा बन गया विधानसभा का सबसे बड़ा सियासी रण

रिपोर्ट डेस्क | Live Khabar India


झारखंड विधानसभा का शुक्रवार का दिन सामान्य नहीं था। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही माहौल गरमा गया। विपक्ष के तेवर आक्रामक थे और सत्ता पक्ष भी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा था। मुद्दा था राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का, जिसने पिछले कई महीनों से हजारों युवाओं के बीच असंतोष पैदा कर रखा है।

जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC की विभिन्न विवादित परीक्षाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कई प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं और युवाओं का भरोसा व्यवस्था से डगमगा रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी विवादित परीक्षाओं की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराई जाए और जिन परीक्षाओं पर गंभीर सवाल हैं, उन्हें रद्द किया जाए।

सदन में बढ़ा राजनीतिक तापमान

विपक्ष की मांग के साथ ही विधानसभा का माहौल अचानक बदल गया। भाजपा और एनडीए के विधायक अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते कई विधायक आसन के सामने पहुंच गए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

विधायकों का कहना था कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। उनका आरोप था कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला होने के बावजूद सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।

सत्ता पक्ष का पलटवार

विपक्ष के आरोपों के बीच सत्ता पक्ष भी पीछे नहीं रहा। सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि विपक्ष को केवल वर्तमान घटनाओं पर ही नहीं, बल्कि अतीत को भी देखना चाहिए।

सत्तापक्ष के नेताओं ने सवाल उठाया कि JPSC की शुरुआती सिविल सेवा परीक्षाओं को लेकर भी विवाद हुए थे, तब विपक्ष की भूमिका क्या थी? सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद कोई नया विषय नहीं है और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

नारेबाजी के बीच ठप पड़ गई कार्यवाही

स्थिति धीरे-धीरे इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सदन की नियमित कार्यवाही लगभग असंभव हो गई। स्पीकर ने कई बार व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर अड़ा रहा।

हंगामे और नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल प्रभावित हुआ। कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी। सदन का अधिकांश समय भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़ गया।

हंगामे के बीच पेश हुआ हजारों करोड़ का बजट

दिलचस्प बात यह रही कि राजनीतिक शोर-शराबे के बीच सरकार ने अपना काम आगे बढ़ाया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया।

करीब 8,399 करोड़ रुपये से अधिक का यह बजट राज्य की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि विपक्ष के हंगामे के कारण बजट पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। अब इस पर आगामी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।

युवाओं के मुद्दे पर सियासत क्यों तेज हुई?

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं। कभी प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगे, तो कभी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे। ऐसे में बेरोजगार युवाओं के बीच नाराजगी लगातार बढ़ी है।

राजनीतिक दल भी इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझते हैं। यही कारण है कि विधानसभा से लेकर सड़क तक यह मामला लगातार उठाया जा रहा है। विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार खुद को पारदर्शी प्रक्रिया के पक्ष में बताकर आरोपों को खारिज कर रही है।

बाबूलाल मरांडी का सीधा संदेश

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब इस मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। उनका कहना है कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं पर लगातार सवाल उठे हैं और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक विवाद खत्म नहीं होगा और अभ्यर्थियों के मन में शंका बनी रहेगी।

आगे क्या?

अब सभी की नजर आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी है। एक ओर सरकार बजट और विकास योजनाओं पर चर्चा आगे बढ़ाना चाहती है, तो दूसरी ओर विपक्ष भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे को और आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।

झारखंड की राजनीति में JPSC-JSSC विवाद अब केवल भर्ती परीक्षा का मामला नहीं रह गया है। यह युवाओं के भविष्य, सरकारी नियुक्तियों की विश्वसनीयता और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है और राज्य के लाखों अभ्यर्थियों को इससे क्या संदेश मिलता है।

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