राष्ट्रीय महाधिवेशन में प्रियंका गांधी के राह में फूल बिछाने पर,
कांटे भाजपा के पैरों में चुभ रहे हैं

,जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
दिलेश्वर ,,,चौहान संवाददाता
,,छत्तीसगढ़ प्रदेश शांत प्रदेश है,अगर राजनीतिक धरातल पर देखा जाए तो कांग्रेसी ,भाजपा ,आमने-सामने मुख्य प्रतिद्वंदी हैं ।
यहां के छत्तीसगढ़िया मूलनिवासी भोले-भाले लोग राजनीतिक समझ एवं गहराई के तह तक नहीं पहुंच पाते।


यहां के जमीन मे प्राकृतिक का धन संपदा भरपूर मात्रा में है।
सर प्लस बिजली ,कोयला एवं वन संपदा से भरा पूरा है ।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल प्रियंका के एंट्री से ही कार्यक्रम का मंजर ही बदल गया था।
तीसरे दिन के भाषण से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गै जी ने भूपेश बघेल की तारीफ कर बता दिया कि आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव के मुखिया भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में लड़ी जाएगी।
आज भी गांव गांव में छत्तीसगढ़ की जनता गांव के गरीब ,गांधी परिवार से करीबी रिश्ता समझते हैं ।
राष्ट्रीय महाधिवेशन में
प्रियंका गांधी जी जैसे ही जमीन में बिछी गुलाब के पंक्तियों की चादर में प्रियंका के पैर रखने से ही ,हिंदुत्व के मुद्दा उठाने वाले भाजपा एवं उसके सहयोगी को नागवार गुजरा ।


उन्होंने हिंदुत्व के अपमान समझते हुए, विरोध जताया है कि जो फूल भगवान में हिंदू के देवी देवता में चढ़ते हैं ,उसे प्रियंका गांधी ने अपने पैरों तले रोदते हुए सभा स्थल पर गई।
इस महाधिवेशन सम्मेलन किसी को फायदा हो या ना हो भूपेश बघेल जी को जरूर आगामी चुनाव में फायदा हो सकता है। क्योंकि हैदराबाद की तरह यहां भी मजबूत मैनेजमेंट के वजह से भाजपा द्वारा छापेमारी ईडी ,सीडी सब धरे के धरे रह गए।


उन्हें सोनिया गांधी का आशीर्वाद प्राप्त है एवं राहुल गांधी के कहे अनुसार चलते हुए महाधिवेशन को सफल बनाने में कामयाबी हासिल की।
एवं दूसरे पार्टी के ही नहीं स्वयं कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े कद के रूप में अपने आप को स्थापित करने में सफलता प्राप्त की।
भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ में महाधिवेशन में सारा श्रेय लूट लिया ।
भाजपा वालों ने सोने की चैन वाली मांलाओं ,का भी विरोध किया है जो स्वागत में अकबर अहमद ,सलमान खुर्शीद, पीएल पुनिया ,राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सभी विधायक मंत्री का सोने की चैन पहनाकर स्वागत किया .
जो अब विवादित मुद्दे को जन्म दे चुकी है. भारतीय जनता पार्टी ने इसे पब्लिक यीशु बना दिया है ।भाजपा के पास हमारा आवास हमारा अधिकार , हिंदुत्व मुद्दा के अलावा जनता से जुड़ी कोई मुद्दा नहीं है ,
जिसकी वजह से पार्टी की अंदरूनी कहल ,अब सामने आने लगी हैं।मुख्यमंत्री का चेहरा ना होना इनका भी खामियाजा आगामी चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

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