साँची विवि में बौद्ध विद्वानों का जमावड़ा, आईएसबीएस का उद्घाटन

नसीमखान सांची

साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में इंडियन सोसायटी फॉर बुदधिस्ट स्टडीज(आई.एस.बी.एस) के रजत जयंती सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन सत्र में आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस और बौद्ध दर्शन के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर सम्मेलन में पढ़े जाने वाले शोधपत्रों की सार पुस्तिका और पुराने सम्मेलनों में पढ़े 2018 से 2021 के मध्य हुए आईएसबीएस सम्मलेनों का कार्यवाही विवरण का विमोचन भी हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि और वियतनाम बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय के वाइस रेक्टर प्रो थिक नॉट टू ने भारत और वियतनाम के बीच बौद्ध अध्ययन में साँची विश्वविद्यालय की भूमिका बढ़ाने की बात की। प्रो थिक नॉट टू आईएसबीएस से सम्मानित होने वाले पहले वियतनामी विद्वान है। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो वैद्यनाथ लाभ ने व कि आईएसबीएस उदीयमान और स्थापित विद्वानों का साझा मंच है और वे साँची विवि को भारतीय ज्ञान परम्परा में शीर्ष पर स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में आई.एस.बी.एस के संस्थापक सचिव और साँची विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ, विएतनाम बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय के वाइस रेक्टर श्री थिक नॉट टू, आईएसबीएस के अध्यक्ष प्रो. एस.पी शर्मा और प्रो. नीता बिल्लोरिया को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाज़ा गया। प्रो. सीताराम दुबे को मंजूश्री व कमला देवी जैन सम्मान एवं प्रो. दीनानाथ शर्मा को प्रो. सागरमल जैन प्राच्य विद्या सम्मान से नवाजा गया। साँची विवि के कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ को समर्पित एक अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन भी किया गया। प्रो. वैद्यनाथ लाभ ने सन 2000 में आई.एस.बी.एस की स्थापना से लेकर संघर्षों का विवरण देते हुए कहा कि आज संगठन काफी फल-फूल रहा है।

उद्घाटन सत्र में नवनालंदा महाविहार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि ये दौर आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस का है लेकिन बौद्ध दर्शन और भारतीय दर्शन से जुड़े शोधार्थियों, शिक्षकों को सावधानी से ए.आई का उपयोग करना चाहिए। उन्होने कहा कि तर्क को आधार बनाकर अध्ययन करना चाहिए क्योंकि इंटरनेट तो हमसे जानकारी लेकर ही एआई के जरिये हमें वापस परोस रहा है।

कार्यक्रम में आई.एस.बी.एस के 25वें अधिवेशन के अध्यक्ष प्रो. राधा वल्लभ त्रिपाठी ने कहा कि गौतम बुद्ध सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को रोशनी दिखाने वाले प्रकाश पुंज थे। प्रो. राधा बल्लभ त्रिपाठी ने कहा कि बुद्ध और उनके शिष्यों ने विमर्श के लिए कथा पद्धति का विकास किया था। जिसको आधार बनाकर ही बाद में जातक कथाओं ने रूप लिया। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने दो चरम ध्रुवों को निषेध करके मध्य मार्ग अपनाने की शिक्षा दी है।
पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.एस मिश्रा ने कहा कि कि बुद्ध कहते थे कि मेरी बात को बिना सोचे समझे अपनाने के बजाय तर्क की कसौटी पर कसो, उसका परीक्षण करो और फिर उचित हो तो स्वीकार करो। जब तर्क किसी बात को माने तो उसे मान लो। उन्होंने कहा कि बौद्ध दर्शन में तर्क से विद्या और ज्ञान का मार्ग प्रशस्त होता है। तर्क अज्ञान को मिटाता है और वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।
उद्घाटन सत्र में आई.एस.बी.एस के अध्यक्ष प्रो. एस.पी शर्मा ने अपने छोटे से उद्बोधन में कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए।
उद्घाटन सत्र के बाद प्रो जीसी पाण्डे मेमोरियल लेक्चर में उनकी बेटी और मशहूर इतिहासविद प्रो सुष्मिता पाण्डे ने उनके जीवन वृत्त और कार्यों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन के प्रथम दिन दो तकनीकी सत्रों को भी आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रो. ईश्वरी विश्वकर्मा ने की। इसमें 10 से अधिक लोगों ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। दूसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो. सीताराम दुबे ने की। इस सत्र में भी 10 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए।(आपसे अनुरोध है कि उक्त समाचार को अपने माध्यमों पर उचित स्थान प्रदान करने का कष्ट करें)

  • editornaseem

    Related Posts

    40 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण।प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार बोले— आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में पढ़कर विद्यार्थी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे

    नसीमखान सांचीसांची,,,प्रदेश के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार ने सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा जिला…

    सांची-विदिशा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, युवक ऋषि आचार्य की मौत।होटल अपेक्षा के पास देर रात हुई दुर्घटना, कई घायल; हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

    नसीमखान सांचीसांची,,,,रविवार देर रात लगभग 11 बजे सांची-विदिशा हाईवे पर होटल अपेक्षा के समीप हुए सड़क हादसे में सांची निवासी ऋषि आचार्य (24 वर्ष), पिता नरेश आचार्य, की दर्दनाक मौत…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    40 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण।प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार बोले— आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में पढ़कर विद्यार्थी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे

    40 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण।प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार बोले— आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में पढ़कर विद्यार्थी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे

    सांची-विदिशा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, युवक ऋषि आचार्य की मौत।होटल अपेक्षा के पास देर रात हुई दुर्घटना, कई घायल; हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

    सांची-विदिशा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, युवक ऋषि आचार्य की मौत।होटल अपेक्षा के पास देर रात हुई दुर्घटना, कई घायल; हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

    CJP का आरोप: प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों को बनाया जा रहा निशाना, सरकार पर समझौता तोड़ने का दावा

    CJP का आरोप: प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों को बनाया जा रहा निशाना, सरकार पर समझौता तोड़ने का दावा

    मेढकी में युवक की तलवार से हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस।दुकान बंद कर घर लौट रहे 25 वर्षीय राकेश लोधी पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, इलाज के दौरान भोपाल में हुई मौत

    मेढकी में युवक की तलवार से हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस।दुकान बंद कर घर लौट रहे 25 वर्षीय राकेश लोधी पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, इलाज के दौरान भोपाल में हुई मौत

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव