नसीम खान
रायसेन
शारीरिक विकृति के साथ जन्मीं काव्या सराटे और उनके परिवार को सरकार की मदद तथा डॉक्टरों की संवेदनशीलता से खोई हुई मुस्कान मिल गई। बाड़ी के वार्ड क्रमांक-02 निवासी श्री पुष्पेन्द्र सराठे की पुत्री काव्या कटे होंठ एवं तालू के साथ जन्मीं थी। काव्या के जन्म के साथ ही परिवार के लिए एक बड़ी चिंता ने भी जन्म लिया कि इस अवस्था में बालिका का भविष्य क्या होगा। जब स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ आरबीएसके मेडीकल ऑफीसर डॉ चरण सिंह ठाकुर को काव्या के बारे में ज्ञात हुआ तो उन्होंने अपनी टीम के साथ काव्या की जांच की। इसके उपरांत शासन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत काव्या का भोपाल के निजी अस्पताल में दो निःशुल्क ऑपरेशन कराए गए। ऑपरेशन के बाद काव्या अब पूर्णतः स्वस्थ्य है। बालिका काव्या के स्वस्थ्य होने से परिजन भी बेहद खुश है और डॉक्टर्स, जिला प्रशासन और सरकार को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि शासन की मदद से काव्या और उनकी खोई हुई मुस्कान फिर लौट आई है।






