कमापार गांव में शमशान की नहीं व्यवस्था, ग्रामीणों को आज भी शवों के अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है 8 किमी दूर

नसीमखान
सांची,,
जहाँ एक ओर सरकारें ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की लंबी-चौड़ी घोषणाएं करती हैं, वहीं सच्चाई यह है कि आज भी कई गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सांची जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मढवाई का एक छोटा-सा गांव कमापार आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी शमशान जैसे जरूरी संसाधन से वंचित है।
करीब 35 घरों और लगभग 350 की जनसंख्या वाले इस गांव में मृतकों के अंतिम संस्कार हेतु कोई शमशान भूमि नहीं है। मजबूरीवश ग्रामीणों को आज भी शवों को कंधे पर उठाकर 4 से 8 किलोमीटर दूर सांची या विदिशा के शमशान घाटों तक ले जाना पड़ता है।
विकास के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों की लंबी फेहरिस्त में यह गांव अब तक उपेक्षित ही रहा है। यह क्षेत्र वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है, जो लगभग 5 बार सांसद और 18 वर्षों तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व डॉ. प्रभुराम चौधरी और डॉ. गौरीशंकर शेजवार जैसे दिग्गज मंत्री भी कर चुके हैं। लेकिन तमाम राजनीतिक पहुंच और ताकत के बावजूद कमापार गांव को एक शमशान तक नसीब नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को आवेदन देकर शमशान निर्माण की मांग की, पर हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले।
सरपंच अशोक अहिरवार का कहना है:
“हमने शमशान घाट निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए। वर्ष 2024 में स्वयं कलेक्टर महोदय को आवेदन सौंपा गया, वहां से भी सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन आज तक शमशान घाट की व्यवस्था नहीं हो सकी।”
ग्रामीणों का कहना है।।
गजराज यादव – “शमशान न होने से हमें शवों को सांची या विदिशा ले जाना पड़ता है।”
टीकाराम अहिरवार – “यह गांव आज भी शमशान जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है।”
गोविंद पाल – “कई बार मांग करने पर भी शमशान नहीं बना, सरकार की अनदेखी साफ है।”
संजय पटेल – “हमारी मांगों को नजरअंदाज किया गया, मजबूरी में दूर ले जाकर संस्कार करते हैं।”
रतन सिंह ठाकुर – “सैकड़ों बार आवेदन देने के बावजूद न प्रशासन ने सुना, न जनप्रतिनिधियों ने। अब गांव में आक्रोश है।”
प्रशासन का कहना है।।
इस गंभीर विषय पर अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती नियति साहू ने बताया, “आपके माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है। हम जनपद पंचायत के सीईओ एवं पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।”

  • editornaseem

    Related Posts

    सीएम हाउस के वैभव पर भारी पड़ी कृषक की आत्मीयता – लोकप्रिय जननायक डॉ. मोहन यादव का जन्मोत्सव भोपाल. नसीमखान राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘ सीएम हाउस’ आज मात्र…

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    रिपोर्टर दीपक कुमार गर्ग शहडोल शहडोल जयसिंहनगर जल संकट को दूर भगाओ, व्यर्थ में पानी न बहाओ जल गंगा संवर्धन अभियान शहडोल जिले में प्रगति पर है। जल गंगा संवर्धन…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी संकट गहराया, 5 ट्यूबवेल बंद।19 में से 5 ट्यूबवेल ने छोड़ा साथ, जलस्तर गिरने से मटमैला पानी—प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

    गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी संकट गहराया, 5 ट्यूबवेल बंद।19 में से 5 ट्यूबवेल ने छोड़ा साथ, जलस्तर गिरने से मटमैला पानी—प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

    नगर परिषद का बजट सर्वसम्मति से पारित, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस।सौंदर्यीकरण, सीसी रोड, पेयजल, स्वच्छता और बस स्टैंड निर्माण सहित कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    नगर परिषद का बजट सर्वसम्मति से पारित, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस।सौंदर्यीकरण, सीसी रोड, पेयजल, स्वच्छता और बस स्टैंड निर्माण सहित कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।