नसीमखान सांची
सांची,,
ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन के लिए मशहूर सांची की बिजली व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है। बिजली वितरण कंपनी और मंडल अधिकारियों की लापरवाही ने यहां के नागरिकों और किसानों दोनों को संकट में डाल दिया है।
स्थिति यह है कि आए दिन तार टूटने और केबल जलने से घंटों तक बिजली गुल रहती है। हाल ही में तार टूटकर एक घर पर गिर गया, जिससे एक ही परिवार के सात लोग करंट की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच गए। यह घटना लोगों के गुस्से का सबब बनी, क्योंकि इससे पहले भी कई बार करंट से पशु और इंसानों की जान खतरे में पड़ चुकी है।
ग्रामीणों और नगरवासियों का कहना है कि विभाग व्यवस्था सुधारने की जगह केवल दंभ भरने में लगा है। हर दिन दस-दस बार केबल जलने और उसकी मरम्मत के नाम पर बिजली आपूर्ति बाधित होती है। घटिया गुणवत्ता की सामग्री और लापरवाह कामकाज ने हालात बद से बदतर बना दिए हैं।
किसानों का कहना है कि जब फसल सीजन आता है, तब सिंचाई के लिए बिजली न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। वहीं आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि मंडल अधिकारियों की नजर बिजली आपूर्ति पर नहीं, बल्कि वसूली पर टिकी रहती है। यही कारण है कि खराब व्यवस्था ठीक करने की बजाय नगरभर में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
लोगों में यह चर्चा जोरों पर है कि “बिजली रहे न रहे, लेकिन स्मार्ट मीटर और बिल वसूली में कंपनी पीछे नहीं रहने वाली।” बिजली व्यवस्था दुरुस्त न होने के बावजूद मीटर बदलने की कार्रवाई को लोग जनता की परेशानी पर कुठाराघात मान रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय खानापूर्ति करते रहेंगे, तब तक सांची की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहेगी।






