नसीमखान सांची
सांची,,
राज्य शासन द्वारा संचालित “धरती आभा योजना” का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छ पेयजल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना है। इस योजना के माध्यम से शासन ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है।
इसी क्रम में समीपस्थ ग्राम पंचायत उचेर अंतर्गत ग्राम मढ़ा में धरती आभा योजना के तहत विशेष आमसभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत क्षेत्र के सभी ग्रामों — अन्होरी, मढा, बेरखेड़ी, उचेर, सूखा करार आदि — के आदिवासी परिवारों को मूलभूत सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
आमसभा में निर्णय लिया गया कि आदिवासी वर्ग को प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन योजना, पेयजल योजना, सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था, शिक्षा सुविधाएं और गरीबी रेखा से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाएगा। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पांच वर्ष की समय-सीमा तय की गई है।
ग्राम पंचायत सरपंच अरविंद सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पंचायत क्षेत्र में निवासरत आदिवासी समुदाय का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ उन्हें समय पर मिले, इसके लिए पंचायत स्तर पर सतत प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर सचिव हरिनारायण मीणा, सहायक सचिव थानसिंह कुशवाहा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पानबाई पल्या, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक कोमल सिंह अहिरवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
सरपंच अरविंद सिंह ने ग्रामसभा में कहा कि —
“हमारा लक्ष्य है कि पंचायत के प्रत्येक आदिवासी परिवार तक शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित हो सके।”
ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि शासन की इस योजना से उन्हें अब बेहतर आवास, रोजगार और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले वर्षों में गांवों की तस्वीर बदल जाएगी और आदिवासी समुदाय आत्मनिर्भर बन सकेगा।






