नसीमखान सांची
सांची,,, दीपावली का पर्व नजदीक आते ही नगर में उल्लास और उमंग का माहौल छा गया है। आज गुरुवार को साप्ताहिक हाट बाजार दीपों की चमक और त्योहारी रंगत से सराबोर दिखाई दिया। बाजार में खरीददारों की भीड़ उमड़ी रही — हर कोई अपने घरों को सजाने-संवारने, पूजन सामग्री और मिठाइयों की खरीदारी में व्यस्त नजर आया।
आज का हाट बाजार परंपरागत रूप से “दीपावली का बाजार” माना जाता है। मिट्टी के दीप, रंग-बिरंगी झालरें, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ, मिठाइयाँ और सजावटी वस्तुओं से सजी दुकानों ने पूरे बाजार की रौनक बढ़ा दी। जगह-जगह बच्चों और बड़ों के चेहरों पर त्योहार की खुशी झलक रही थी।
नगर परिषद द्वारा पटाखा बाजार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से इस वर्ष पटाखों की दुकानों को व्यस्त क्षेत्र से बाहर पशु चिकित्सालय परिसर में स्थान दिया गया है। केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों को ही दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। परिषद ने बाजार में फायर ब्रिगेड वाहन, पानी की टंकियाँ और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की है। साथ ही सभी पटाखा व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार परिसर में किसी भी प्रकार के पटाखे न चलाएँ।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटने की स्मृति में घर-घर दीप प्रज्वलित किए जाते हैं। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर लोग सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
प्रशासन की अपील दीपावली के उल्लास में सभी नागरिक सुरक्षा का ध्यान रखें। खुले स्थानों पर पटाखे चलाएँ, बच्चों को अकेला न छोड़ें, और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कम प्रदूषण वाले पटाखों का ही प्रयोग करें। सावधानी और सजगता से ही यह पर्व सभी के लिए मंगलमय बनेगा।
दीपों की इस अद्भुत छटा और श्रद्धा के संगम से पूरा सांची नगर इन दिनों प्रकाश, आस्था और उत्सव के रंगों में रंगा नजर आ रहा है।






