नसीमखान सांची
सांची,,नगर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्कूली छात्रों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए गतिअवरोधक अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। रातभर इनसे गुजरते वाहनों की गूंजती आवाज़ों से आसपास के रहवासियों की नींद हराम हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, नगर में पहले सड़क पार करने के लिए कहीं भी गतिअवरोधक नहीं थे। नागरिकों की मांग पर संबंधित विभाग द्वारा सीएमराइज स्कूल के पास इनका निर्माण कराया गया ताकि छात्र सड़क पार करते समय सुरक्षित रह सकें। लेकिन निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई। परिणामस्वरूप, ये गतिअवरोधक इतने ऊँचे और असमान बने कि अब यह दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
इन गतिअवरोधकों पर न तो रेडियम पट्टियाँ लगाई गईं और न ही सावधानी के बोर्ड लगाए गए हैं। वाहन चालक दूर से इनका अंदाजा नहीं लगा पाते, जिससे कई दुपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। कई बार राहगीरों और आसपास के नागरिकों को घायलों को अस्पताल तक पहुँचाना पड़ा है।
रात के समय जब ट्रक और बसें तेज रफ्तार में इन गतिअवरोधकों से गुजरती हैं, तो जोरदार धमाके जैसी आवाजें होती हैं। सन्नाटे में यह शोर इतना तीव्र होता है कि लोग डरकर बाहर झाँकने लगते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया ।
“रात में वाहनों की आवाज इतनी तेज होती है कि नींद खुल जाती है, लगता है जैसे कोई हादसा हो गया हो,
“हमने कई बार विभाग से अनुरोध किया कि रेडियम पट्टी और बोर्ड लगाए जाएँ, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया,”
“स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ये गतिअवरोधक अब दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं,”
नागरिकों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल इन गतिअवरोधकों को मानक अनुसार सुधारने, उन पर रेडियम पट्टियाँ लगाने और सावधानी संकेतक बोर्ड स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा होने से दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और रातभर की नींद हराम करने वाला शोर भी कम होगा।






