नसीमखान सांची
सांची,,
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार इन योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सिर पर छत देने का सपना दिखा रही है, लेकिन सांची क्षेत्र में यह सपना अभी साकार होता नजर नहीं आ रहा।
जानकारी के अनुसार सांची एवं आसपास के कई क्षेत्रों में पुरातत्व विभाग की आपत्तियों के चलते पीएम आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत मकानों का निर्माण कार्य बाधित हो गया है। यह क्षेत्र पुरातत्व महत्व का होने के कारण यहां निर्माण कार्य को लेकर विभागीय नियमों की सख्ती सामने आ रही है, जिससे आवासहीन परिवारों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे कच्चे मकानों या झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं। सरकार द्वारा जब पीएम आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान मिलने की आस जगी, तो उम्मीदें बढ़ीं, लेकिन पुरातत्व विभाग की अड़चन के चलते अब तक उन्हें लाभ नहीं मिल सका।
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। नतीजतन, आवासहीन परिवार असमंजस की स्थिति में हैं और योजना का लाभ केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।
जब तक विभागीय समन्वय और स्पष्ट नीति नहीं बनेगी, तब तक पीएम आवास योजना का सपना सांची के गरीबों के लिए सपना ही बना रहेगा।






