नसीमखान सांची
24 घंटे में युवक को कोर्ट में पेश करने का दावा, पुलिस ने आरोपों को बताया भ्राम
सांची,,, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के निरीक्षण के बाद सांची थाना चर्चाओं में बना हुआ है। इस बीच थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने सामने आकर पूरे मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई।
थाना प्रभारी के अनुसार, संबंधित युवक को प्रारंभ में केवल पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। जांच के आधार पर बाद में विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की गई, जो सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवक के अधिकारों का पूरा सम्मान किया गया और उसके साथ किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार नहीं हुआ।
मामले के अहम पहलू पर प्रकाश डालते हुए त्रिपाठी ने बताया कि युवक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर, यानी 24 घंटे के अंदर ही न्यायालय में पेश कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कुछ सूचनाएं अधूरी और भ्रामक तरीके से सामने आई हैं, जिन्हें अब तथ्यों के साथ स्पष्ट किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सांची स्थित एक निजी होटल में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है, जिसमें युवक और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई है। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए कार्रवाई की गई थी।
NHRC द्वारा उठाए गए सवालों पर थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रहा है। साथ ही निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्र के होटलों में अवैध गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और जल्द ही विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।
अंत में थाना प्रभारी ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सांची पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





