राजर्षि मिश्रा उमरिया
।। भगवान परशुराम प्राकट्य उत्सव ।।
भगवान परशुराम जी का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि राष्ट्र रक्षा, स्वरक्षा एवं धर्म रक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों ही परमावश्यक हैं। हमारे जीवन में शक्ति और क्षमा दोनों होनी चाहिये। दुर्बल के लिए क्षमा और अपराधियों के लिये दण्ड देने की सामर्थ्य हमारी भुजाओं में होनी ही चाहिए।
स्वयं की शांति का त्याग करके समाज में शांति और सद्भावना की स्थापना एवं आसुरी शक्तियों के दमन के लिए भगवान परशुराम ने अपने हाथों में परशु धारण किया। हमारी समस्त शक्ति का राष्ट्र हित में और समाज सेवा में लग जाना ही उसकी सार्थकता है, यही विप्र कुलभूषण भगवान परशुराम जी के जीवन की समाज को प्रमुख सीख है।
आप सभी को भगवान परशुराम प्राकट्य उत्सव की मंगल बधाई।
आपका राजर्षि मिश्रा 🙏🚩





