नसीमखान सांची
साँची,,, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा बेतवा नदी के पग्नेश्वर घाट पर नदी स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य नदी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा समाज में जल स्रोतों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. उपेन्द्र बाबू खत्री ने किया। उनके मार्गदर्शन में शोधार्थियों एवं छात्रों ने पग्नेश्वर घाट एवं आसपास के क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक, पॉलीथीन, बोतलें एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर घाट परिसर की सफाई की गई तथा कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
अभियान में जन अभियान परिषद के कार्यकर्ता श्री टीकाराम, ग्राम पिपरिया से संदीप राजपूत तथा स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था हेतु डॉ. अंजली दुबे एवं कमलेश पाटीदार ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. उपेन्द्र बाबू खत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को मातृस्वरूप माना गया है। बेतवा नदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यावरणीय जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित एवं उत्तरदायी जीवनशैली अपनाने का संदेश भी देता है।
जन अभियान परिषद के श्री टीकाराम ने कहा कि जल संरक्षण और नदी स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को नदी में कचरा न फेंकने, एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने तथा पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जन-जागरूकता के उद्देश्य से “नदी बचाओ – जीवन बचाओ”, “स्वच्छ नदी – स्वस्थ जीवन” तथा “नदी संरक्षण – राष्ट्र संरक्षण” जैसे नारों का उद्घोष किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता के नियमों का पालन करेंगे और समाज को भी नदी संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करेंगे।
स्वच्छ नदी का संकल्प तभी सफल होगा, जब जनभागीदारी स्वभाव और जिम्मेदारी दोनों बने।






