लाडली बहना योजना ने भुला दी सारी योजनाएं।
स्वच्छता अभियान को लग गया पलीता

नसीम खान संपादक
सांची,,, वैसे तो सरकारें अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाती रही है तथा धरातल पर उतारती रही है परन्तु मुख्यमंत्री की लाडली बहना योजना ने सारी योजनाएं भुला दी है जिससे स्वच्छता अभियान का तो मात्र नाम ही रह गया । गंदगी ने नगर में अपने पांव पसार लिए हैं इसकी सुध किसी को नहीं रह पाई।
जानकारी के अनुसार इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लाडली बहना योजना शासन प्रशासन दमखम के साथ चला रहा है इस योजना से महिलाओं को सशक्त समृद्ध बनाने तथा महिलाओं को प्रति माह खाते में सरकार एक एक हजार रुपए डालकर महिलाओं को सशक्त बनाने जुटी हुई है यह योजना को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने शासन प्रशासन जोर शोर से जुटा हुआ है इस योजना के क्रियान्वयन में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहता । वैसे तो इस योजना को लेकर आम जन इसको चुनाव में नैया पार लगाने की योजना चर्चित हो गई है इस योजना को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी रात दिन जुटे हुए हैं यहां तक कि अवकाश के दिनों में भी अधिकारी कर्मचारी इसके क्रियान्वयन में पीछे नहीं दिखाई दे रहे इस योजना ने सभी पिछली योजनाओं को पलीता लगा दिया इस योजना की व्यस्तता से प्रशासन को अन्य योजनाओं को देखने की फुर्सत नहीं मिल सकी जिससे इनमें विशेष स्वच्छता अभियान जिसे जोरशोर से चलाया गया था इसमें लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए परन्तु यह अभियान आज भी धरातल से कोसों दूर दिखाई देता है इस स्थल को वैसे तो एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल माना जाता है इसके अनुरूप इसे ढालने की कवायद भी बड़े पैमाने पर शुरू की गई थी परन्तु यह अभियान धरातल पर पहुंचने के पूर्व ही दम तोडता दिखाई दे रहा है नगर के बसस्टेंड परिसर में लाखों रुपए की लागत से निर्मित नालियों का निर्माण कराया गया परन्तु वह पूरी तरह गंदगी की चपेट में आकर इस अभियान की पोल खोलती दिखाई दे रही है इन गंदगी भरी नालियों पर न तो प्रशासन में बैठे अधिकारियों की नजर पड़ पा रही है न ही स्वच्छता कर्मचारियों को ही सुध लेने की फुर्सत मिल पा रही है यही हाल नगर के विभिन्न वार्डों का भी बना हुआ है जहां गंदगी ने अपने पांव पसार लिए हैं इन समस्याओं को न तो कोई देखने न ही सुनने वाला दिखाई देता है जिससे नगर के लोगों में विभिन्न बीमारी फैलने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है । दूसरी ओर कोरोना की दस्तक से भी लोगों में भय बढ़ गया है । इस के साथ ही बाकी बची कसर आवारा सुअरों को गंदगी फैलाते आसानी से नगर भर में देखा जा सकता है परन्तु प्रशासन मात्र एक मुख्यमंत्री की बहना योजना में ही सिमट कर रह गया जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है ।

  • editornaseem

    Related Posts

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    भाक्ति के रंग में रंगा बेल्दी गांव, भंडारे का भी आयोजन रिपोर्ट राजर्षि मिश्राचैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के उमरिया जिले मानपुर जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम छोटी…

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    नसीमखान सांचीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया। एक माह के पवित्र रमजान के समापन पर आज बड़ी संख्या…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका