जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
दिलेसर चौहान ,,,संवाददाता छग।
छत्तीसगढ़ के पित्र पुरुष नंद कुमार साय के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मची है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, सिंधिया ,सुंदर सिंह भंडारी, प्रमोद महाजन ,सुषमा स्वराज ,जैसे दिग्गज नेताओं के साथ काम कर चुके हैं ।
सांसद,राज्यसभा, विधायक प्रतिपक्ष, नेता छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता ही नहीं बाहर राज्यों में भी वजूद है।
इस बात को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अच्छी तरह से जानते हैं ।
वह भी जानते हैं की वे आदिवासियों की पितृ है।
अंबिकापुर में रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों को बताया कि सरगुजा जिले में 350 एकड़ में अधिक में क्षेत्रफल पर क्षेत्र पर महामाया ,हवाई अड्डा, के निरीक्षण हेतु जा रहे हैं जो बहुत ही खूबसूरत बन पड़ा है।
जिसमें पर्यटकों को पहाड़ों की वादियों को सुंदरता को निहारने का मौका मिलेगा ।
यह एयरपोर्ट रायपुर ,बनारस, दिल्ली ,सहित बिलासपुर को जुड़
जाएगी।
पत्रकारों के द्वारा नंदकुमार सहायक कांग्रेस पार्टी में शामिल होने क्या प्रभाव पड़ेगा,
भूपेश बघेल ने कहा निश्चित तौर से प्रभाव पड़ेगा।
साय जैसे वरिष्ठ नेता के शामिल होने से छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से लेकर राजनीतिक सियासत में भूचाल आ गया है।
भाजपा के कार्य से असंतुष्ट, जिनकेसोच को दरकिनार कर देना ।
जो अपनी मेहनत से खींच कर पार्टी को मजबूत किया हो।
समाज के हित में काम किया ।संगठन के पदाधिकारियों के द्वारा नजरअंदाज कर देना ,उनकी किसी भी बात को ना मानना ।मिलने का मौका ना देना ,
ऐसे लोग असंतुष्ट होकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं ।
मध्यप्रदेश में भी वर्तमान सरकार के कार्यकलाप से असंतुष्ट है ।
मध्य प्रदेश के कैलाश जोशी की पुत्र दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं ।
जिसमें भाजपा में खलबली सी मच गई है । केंद्रीय संगठन, ने आनन-फानन में मीटिंग बुलाकर समीक्षा करने में लगे हैं। बजरंगबली, के सवाल पर उन्होंने कहा हम भी जय बजरंगबली कहते हैं।
मगर भाजपा जो कहती है उसमें अंतर है, वह रामायण भी करवाते हैं हम भी करवाते हैं, फर्क इतना है कि उस मंडली को ₹5000 प्रदान करते हैं।








