नसीम खान संपादक
सांची,,, वैसे तो इस स्थल को एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है इस स्थल पर सुविधा विकास के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च कर ढिंढोरा पीटा जाता है परन्तु इस स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हो चुका है जिससे लोगों के साथ ही पर्यटकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
जानकारी के अनुसार यह स्थल विश्व पर्यटक स्थल के रूप में विख्यात है इस स्थल पर शासन प्रशासन लोगों को मूलभूत सुविधाओं एवं नगर के विकास के लिए लाखों करोड़ों खर्च कर चुका है परन्तु इस स्थल से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही विकास का ढिंढोरा सरकारें प्रशासन पीटता दिखाई दे जाता है लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पूरी तरह असफल साबित हो चुका है इस स्थल को प्रकाश मान बनाने कवायद तो बहुत तेजी से चलाई गई कभी स्ट्रीट लाइट से रोशन करने लाखों रुपए की बलि चढ़ गई बावजूद इसके किसी को नहीं पता कि कहां रोशन किया जा रहा है हालात बद से बद्तर हो चुके हैं न तो प्रशासन न ही शासन की नजर पहुंच पा रही है जिससे लोगों को तो परेशानी उठानी ही पड़ रही है साथ में पर्यटकों को भी परेशानी से जूझना पड़ रहा है हद तो तब हो जाती है जब मरम्मत के नाम पर दिन-रात बिजली कटौती की जाती है जिससे लोगों को बारिश में खासी परेशानी उठानी पड़ती है तब दिन भर स्ट्रीट लाइट जलती रहती है रात होते ही बन्द हो जाती है जिससे नगर पूरी तरह अंधेरे की जद में समा जाता है परन्तु इस दिन में जलने वाली लाइट पर न तो स्थानीय प्रशासन न ही विद्युत वितरण कंपनी की नजर ही पहुंच पाती है जिससे इन दिनों लोगों में कीड़े कांटों का भय बढ़ जाता है । अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
विद्युत वितरण कंपनी बिजली की आंखमिचौली से बेखबर।।
इसी प्रकार इस स्थल पर रात दिन बिजली की आंखमिचौली से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है इस स्थल की बिजली कब गायब हो जाये तथा कब लौटकर आये स्वयं मंडल को खबर नहीं रह पाती जब भी संपर्क किया जाता है तब एक ही उत्तर सुनने को मिलता है कि काम चल रहा है परन्तु इस काम का भरोसा नहीं रहता कब चलता है कब बन्द हो जाता है किसी को नहीं पता चलता है कभी केविल धू धू कर जल उठती है तो कभी टांसफार्मर ही आग पकड़ लेते हैं जिसका खामियाजा लोगों के साथ ही पर्यटकों को भुगतना पड़ता है जिससे न केवल पेयजलापूर्ति प्रभावित हो जाती है बल्कि बिजली की अव्यवस्था से सभी सरकारी दफ्तरों के साथ ही बैंकिंग व्यवस्था चरमरा जाती है हालांकि हमेशा से लोगों को मनमाने बिजली बिलों के आने की समस्या से जूझना पड़ता है बावजूद बिजली सुचारू न रहने से लोगों समस्या से जूझते रहते हैं मंडल अधिकारी कर्मचारी बेपरवाह बन कर हाथ पर हाथ रखकर बैठे दिखाई दे जाते हैं ।तब इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल पर शासन प्रशासन के दावे अपने आप लोगों को दिखाई देने लगते हैं । जबकि यह स्थल सांची विधानसभा क्षेत्र का मुख्यालय माना जाता है इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मप्र शासन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभूराम चौधरी कर रहे हैं इन समस्याओं से स्वास्थ्य मंत्री की छवि को भी बट्टा लगता दिखाई दे रहा है ।






