कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को सांची जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा गुलदस्ता भेंट करने से शुरू हुई चर्चा।

नसीम खान संपादक
सांची,,, प्रदेश भर में तो दल-बदल के दौर की खबरें सुनने देखने को मिल रही थी अब सांची विधानसभा चुनाव के पहले जनपद पंचायत सांची की आदिवासी अध्यक्ष श्रीमती अर्चना सुनील पोर्ते ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को गुलदस्ता भेंट कर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया ।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस सरकार गिरने के बाद सांची विधानसभा चुनाव में उपचुनाव में भाजपा की ओर से डा प्रभूराम चौधरी ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराईं थी तथा अपनी लोकप्रियता दिखा दी थी परन्तु डॉ चौधरी के साथ आये कांग्रेसियों के बढ़ते प्रभाव से पुराने भाजपा नेता कार्यकर्ता लगभग हांसिए पर पहुंच गए थे तथा ठंडे होकर बैठ गये जबकि भाजपा के शुरुआती दौर से पार्टी को सम्मान समर्थन दिलाने में कोई कौर कसर नहीं छोड़ी थी परन्तु डॉ चौधरी के मंत्री बनने के बाद से ही पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बढ़ गई ।तब से ही कार्यकर्ता चुप्पी साधे बैठे हुए थे । इस दौरान डा चौधरी के कार्यक्रमों से भी दूरी बनाए रहे । इतना ही नहीं इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी अपनी चौकड़ी के बीच उलझकर रह गये जिससे उनके साथ आए कार्यकर्ताओं की भी पूछपरख कम हो गई ।इसी बीच जनपद पंचायतसांची अध्यक्ष जो आदिवासी सुरक्षित सीट से निर्वाचित हुईं श्रीमती अर्चनासुनील पोर्ते पहले भी अपनी उपेक्षित नीति के चलते विरोध जता चुकी थी तब इस विरोध को देखते हुए उनकी पूछपरख शुरू कर दी गई थी अब जप अध्यक्ष श्रीमती पोर्ते ने कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भेंट की एवं उन्हें गुलदस्ता भेंट किया। उन्होंने इस भेंट को औपचारिक बताया । इस अवसर पर भाजपा नेता प्रदीप दीक्षित भी उपस्थित रहे। तथा सिंधिया फैंस क्लब के रायसेन जिला अध्यक्ष एवं युवा नेता गगन दीक्षित भी अपने दर्जनों समर्थकों एवं वाहनों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भेंट करने पहुंचे तथा उन्हें गुलदस्ता भेंट किया । जबकि इस मुलाकात को साधारण औपचारिक भेंट बताया जा रहा है परन्तु इस मुलाकात के मायने लोग अपने अपने तरीके से निकाल कर देख रहे हैं तथा इस मुलाकात से क्षेत्र भर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है । हालांकि इस मामले में स्पष्ट कुछ भी नहीं कहा जा सकता फिर भी कहीं न कहीं भाजपा में बगावती तेवरों की चिंगारी उठने से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा और भी जनप्रतिनिधियों के पाला बदलने की संभावना बलवती होती दिखाई दे रही है । तब पार्टी को विधानसभा चुनाव में झटका लगने की भी संभावना बढ़ रही है ।

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