नसीम खान
सांची,,,हर तरफ विकास की बड़ी बड़ी बाते सुनने देखने को मिल जाती है परन्तु जमीनी स्तर अपनी स्थिति स्वयं बयां कर रहा है वैसे तो इस स्थल पर सोलर सिटी जो देश भर में दूसरी मानी जाती है परन्तु इस तक पहुंचने काछीकानाखेडा से सोलर सिटी तक पहुंच मार्ग पूरी तरह दलदली हो चुका है जबकि इस मार्ग का क ई बार भूमि पूजन होने के बाद भी सड़क अस्तित्व में नहीं आ सकी।
जानकारी के अनुसार इस स्थल पर सोलर पैनल प्लांट का निर्माण किया गया है यह देश का दूसरे नंबर का प्लांट है इस देश-भर में दूसरे नंबर के करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित होने वाले प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने की चर्चा भी बड़े ज़ोर शोर से चली थी जबकि इसके पूर्व इस सोलर पावर प्लांट का भूमि पूजन प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभूराम चौधरी द्वारा किया गया था तब इस प्लांट तक पहुंच मार्ग सांची से नागोरी होते हुए तैयार किया गया तथा दूसरे मार्ग काछीकानाखेडा से नागौरी सीधा पहुंच मार्ग भी निर्मित किया जाना था तथा इस मार्ग के निर्माण का भूमि पूजन एक बार नहीं अनेक बार स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया परन्तु इस सड़क का निर्माण नहीं हो सका तथा अब यह मार्ग ने दल-दल का रूप ले लिया है जबकि काछीकानाखेडा से नागौरी कुआं गांव मांची बिलोरी पिपरिया सहित अन्य गांवों को जोड़ने वाला मार्ग होने से ग्रामीणों का इस मार्ग से आना जाना लगा रहता है इतना ही नहीं इस मार्ग पर किसानों की कृषि भूमि लगी होने से आना जाना लगा रहता है तब किसानों को भी इस मार्ग पर दल-दल होने से मशक्कत उठानी पड़ती है तथा चार-पांच गांवों के ग्रामीणों को भी दल-दल से होकर गुजरने पर मजबूर होना पड़ता है जबकि एक बार इस मार्ग का भूमि पूजन तब किया गया था जब डा चौधरी कांग्रेस शासन काल में स्कूल शिक्षा मंत्री हुआ करते थे तथा यह मार्ग निर्माण काछीकानाखेडा से शुरू हो कर नागौरी कुआं गांव मांची होते हुए सांची वार्ड नं 1 के श्मशान घाट से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़े जाने की योजना थी तब इसके टेंडर भी नगर परिषद द्वारा करवा लिये गये थे परन्तु यह निर्माण वर्षों अधर में लटका रहा तथा इस का निर्माण टांय-टांय फिश होकर रह गया तथा डा चौधरी भाजपा में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बने तब फिर इसका भूमि पूजन करना बताया जाता है बावजूद इसके इस मार्ग का निर्माण टलता रहा तथा सोलर प्लांट बनने के बाद भी इस मार्ग निर्माण की चर्चा चली तब लोगों में बड़ी खुशी दिखाई दी जिससे गांवों वालों को सीधा मार्ग मिलने की उम्मीद लगी परन्तु निराशा तब हाथ लगी जब सोलर प्लांट भी तैयार हो चुका परन्तु इस मार्ग का निर्माण फिर खटाई में पड़ गया जिससे गांवों वालों के साथ ही किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया तथा इस मार्ग पर दल-दल मच गई जिससे लोगों का आना जाना मुश्किल भरा हो गया । अब जब विधानसभा चुनाव पुनः चुनाव दहलीज पर आ खड़े हुए तब शासन से उम्मीद लोगों को टूटती दिखाई देने लगी है तथा इस मार्ग निर्माण न होने से लोगों में निराशा बढ़ गई है।






