वसीम कुरैशी रिपोर्टर
बिजली उपभोक्ताओं की स्थिति
250000 कुल उपभोक्ता
145000 घरेलू
7000 कृषि पंप कनेक्शन
31000 कमर्शियल
रायसेन।जिले में अल्पवृष्टि से धान तुअर सोयाबीन फसल सूखकर खराब होने की कगार पर है। इसे बचाने किसानों ने फसल में सिंचाई करना शुरू की तो बिजली कंपनी ने शेड्यूल में परिर्वतन कर बिजली सप्लाई का समय घटा दिया है। किसानों को अब पंप कनेक्शन पर 10 घंटे की जगह महज सात घंटे बिजली दी जा रही है, उसमें भी हर कभी कटौती होती है। इससे किसानों को सिंचाई करने में परेशानी हो रही है। किसानों ने कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कटौती बंद नहीं हुई तो वह जल्द सडक़ पर आकर चक्का जाम और आंदोलन करेंगे।
इधर बिजली कंपनी के जारी नए शेड्यूल के मुताबिक किसानों को पंप कनेक्शन पर सुबह 5.15 से दोपहर 12.15 तक सात घंटे नियमित दिन में ही फसल में सिंचाई करने बिजली दी जाएगी। अब रात में बिजली नहीं मिलेगी। कंपनी ने इसके पीछे बिजली खपत में इजाफा होना बताया है। कंपनी के सब इंजीनियर संजय कुमार पटेल ने बताया कि वर्तमान में निर्धारित 200 से 50 मेगावॉट बिजली की डिमांड बढकऱ 250 मेगावॉट के आसपास हो गई है। इस वजह से ही कुछ समय कटौती हो रही है। बारिश होते ही यह कटौती पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
बिजली कंपनी के रवैए में नहीं हो सका सुधार..
बिजली की अघोषित कटौती को लेकर तीन सितंबर को रायसेन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों ने खण्डेरा खरगावली और देवनगर बिजली कंपनी के सब स्टेशन पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद भी कटौती बंद नहीं हुई है। इससे बिजली कंपनी के प्रति लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो कभी भी फूटकर वापस प्रदर्शन, आंदोलन में बदल सकता है। किसानों राकेश यादव महेंद्र यादव राजेन्द्र सिंह यादव भादनेर, मूरेलकलां के संतोष पाटीदार, शिवनारायण गौर, मुंगालिया के चेन सिंह मीणा विष्णु मीणा श्रीकृष्ण रणधीर मीणा ने बताया कि बिजली कटौती से कूलर, पंखे नहीं चलने से घर में रहना भी मुश्किल है।
इनका कहना है…
बिजली की डिमांड बढऩे से अभी बिजली शेड्यूल में परिवर्तन किया गया है। पंप कनेक्शन पर 10 घण्टों की जगह सात घंटे बिजली दी जाएगी। यह शेड्यूल कुछ दिन का ही है। जैसे ही बारिश होगी वैसे 10 घंटे ही किसानों को बिजली दी जाएगी।-
एसके पटेल बिजली कंपनी ग्रामीण रायसेन
नसीम खान






