,जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
संवाददाता ,,दिलेसर चौहान
जांजगीर चांपा ,,, छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान रामगमन पथ, जहां भगवान राम आकर 14 साल बनवास काटे थे।
सीता का रावण के द्वारा हरण होने के बाद यहां के वन में रहने वाले राजाओं ने बाली सुग्रीव ,अंगद ,हनुमान सभी वानर सेनावो युद्ध को जीत कर सीता माता को वापस लाने में अहम भूमिका निभाऐ थे।
आते हुए माता शबरी का झूठा बैर खाए , उनके स्वागत में माता शबरी ने कई महीने कई साल तक उनके इंतजार में आंखें बिछाए राह देखी थी, की एक दिन जरूर उनके राम आएगें
जन-जन में अपना मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भगवान के रूप में पूजे जाते हैं सबसे बड़ी बात यह है की छत्तीसगढ़ में भगवान राम को भांचा का दर्जा दिया जाता है। भाचां एक नाम नहीं एक रिश्ता है जो माता कौशल्या ,उनकी मां के साथ जुड़ा है
जो यही कौशल राज जिसे आज छत्तीसगढ़ कहते हैं ,वह राजा जनक की सुपुत्री थी मायके छत्तीसगढ़ है।
इसलिए यहां के आम जनता उसे अपना भाचां रिश्ता का दर्जा देते हैं
जिसे छत्तीसगढ़ में बहुत ही पवित्र माना जाता है।
आज छत्तीसगढ़ में जगह-जगह पर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में लोग भक्ति में से गूंज रहा है लोग झूम रहे हैं गा रहे हैं।
जगह-जगह मिठाइयां बांटी जा रही है
अगर छत्तीसगढ़ अयोध्या नहीं है ,तो अयोध्या से कम भी नहीं है।
यह मनमोहक दृश्य देखने से भली-भांति समझ में आ जा रहा है की श्रीराम लोगों के कितने आदर्श है ।
,युवाओं में महिलाओं में छत्तीसगढ़ के सभी लोग भक्ति में में डूब कर मेरे राम आएंगे ,गीत कार्यक्रम, रंगोली के द्वारा प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं सिवरिनारायण में हेलीकॉप्टर से पहुंचे । हेलीकॉप्टर से उतरते भव्य रौनकता देखकर बोला ,छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया है ।
जगह-जगह अपने घरों के आंगन में रंगोली बनाकर दीप जलाकर भगवान राम की स्वागत किए हैं। देखकर विष्णु देव,
आत्म विभोर हो गए,
उनकी इतनी स्वागत अभी तक नहीं हुई थी।
छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा शिवरीनारायण को पर्यटक स्थल घोषित करने के करण हजारों लोग हजारों किलोमीटर चलकर यहां श्रद्धा से सैलानिया आते हैं। आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
नसीम खान






