वसीम कुरैशी रिपोर्टर
जैथारी के जंगल में हरे-भरे सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, ग्रामीणजनों ने बनाई वीडियो
रायसेन। जिले के सिलवानी क्षेत्र के जंगलों में इन दोनों सागौन लकड़ी के तस्करों का लामबन्द गिरोह लंबे समय से सक्रिय है ।जिससे जंगलों में हरे भरे सागौन लकड़ी के पेड़ों की कटाई जोरों से चल रही है ।इससे जंगलों का विस्तार तेजी से घटता जा रहा है और पेड़ों की कमी की वजह से पर्यावरण पर तेजी से संकट के बादल मंडरा रहा है।वन महकमे के अधिकारी बजाय कोई लकड़ी माफियाओं की धरपकड़ की कार्रवाई करने के उन्हें अपनी।मोटी कमाई की लालच में उन्हें जंगलों में ही पनाह दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों सागौन के बेशक़ीमती पेड़ों की अवैध कटाई का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो वन रेंज जैथारी के बीकलपुर सर्किल का बताया जा रहा है। जब हमने इस मामले में जैथारी रेंज के रेंजर से बात की तो पता चला कि उन्हें मामले की अभी कोई खबर ही नहीं है।जबकि मामला एक या दो दिन पुराना नहीं है।एक बड़े हिस्से में जंगल का साफ होने का खेल लंबे समय से चला आ रहा होगा।
जैथारी रेंज मुख्यालय से महज 6 से 7 किमी की दूरी पर इतने पेड़ों की कटाई कहीं न कहीं विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को ग्राम बीकलपुर के ग्रामीण गजराज सिंह ने हाल ही में बनाया है और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि जंगलों को तस्कर किस तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। सागौन के हरे-भरे पेड़ों पर लक्कड़ चोरों ने किस बेरहमी से कुल्हाड़ी चलाई है। जंगल का एक हिस्सा पूरा वीरान कर दिया है, जहां अब महज सागौन के ठूंठ ही नजर आ रहे हैं। विभाग की नाक के नीचे बेश कीमती सागौन के हरे-भरे वृक्षों का सफाया किया जा रहा है और वन विभाग के कर्मचारी अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। वन विभाग की नाकामी के चलते हरियाली से आच्छादित रायसेन जिला अब धीरे-धीरे वीरान होता जा रहा है। गांव से लगे ग्रामीण द्वारा बनाए गए इस वीडियो से मामला उजागर हुआ है।पता नहीं कितने दिनों से यह सागौन के पेड़ों की अवैध कारोबार बदस्तूर जारी होगा। वन विभाग की निगरानी नहीं होने से रातोरात जंगल से कीमती सागौन के पेड़ काटे जा रहे हैं और विभाग को कुछ खबर ही नहीं है। विभाग के कर्मचारी अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। लकड़ी तस्कर जिले में कितने सक्रिय हैं यह बात अवैध सागौन कटाई, विभाग की कार्रवाई व जंगलों की स्थिति की पड़ताल में सामने आई है। सिलवानी तहसील क्षेत्र सहित तहसील मुख्यालय सिलवानी के बेगम नदी किनारे बसे मोहल्लों में काफी बड़े हिस्से में सागौन के हरे-भरे जंगल हैं, इन घने जंगलो में लगातार सागौन व अन्य कीमती पेड़ लगातार कांटे जा रहे है। जिससे विभाग को राजस्व आय का नुकसान हो रहा है। वन परिक्षेत्र में स्टाफ नियमित निगरानी नहीं रख पा रहे है। सड़क किनारे तो चौकसी होती है। लेकिन तस्कर जंगलो से रास्ता बनाकर सागौन लकड़ी पार कर रहे हंै।
अफसर बन रहे अंजान….
संबंधित अधिकारियों को जानकारी लेने के लिए जब फोन या प्रत्यक्ष रूप से बात की जाती है तो वे अक्सर जानकारी न होने का बहाना बता कर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यों से पल्ला झाड़ लेते हैं। कुछ मामलों में पुराने ठूंठ होने का मामला बताकर अवैध कारोबार पर पर्दा डालने का प्रयास किया जाता है।लेकिन हकीकत में यहां ठूंठों के अलावा बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ भी पड़े हुए हैं।
लक्कड़ चोर रात में चला रहे कुल्हाड़ी…
जंगलों में वन माफिया रात के वक्त जंगलों में घुस कर पेड़ों पर कुल्हाड़ी व आरी चला रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो लगातार पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। वन माफियाओं ने कीमती सागौन के सैकड़ों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर शासन को लाखों का नुकसान पहुंचाया है। सागौन के पेड़ कटाई के बाद ठूंठ में तब्दील हो रहे हैं।
कीमती होती है सागौन…
सागौन के एक पेड़ की कीमत लाखों में होने के बाद भी विभाग इसकी सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। जिले के जंगलों में वर्षो पहले से पेड़ तो लगे हैं। लेकिन उनकी निगरानी नहीं होने से तस्करों की चांदी हो गई है। सुरक्षा करने वाला कोई नहीं है। इसका फायदा उठाकर वन माफिया सागौन की कटाई करने में लगे हैं।
दो-तीन दिन से मेरी ड्यूटी अनुभूति कैम्प में लगी हुई है। आपके द्वारा जानकारी मिली है, मैं कल ही इस मामले को दिखवाता हूॅं।
रोहित पटेल,
रेंजर, वन रेंज जैथारी रायसेन
नसीम खान






