नसीम खान
सांची,, वैसे तो इस स्थल को विकास का जामा पहनाने की समय-समय पर कवायद तेज होती रही है परन्तु विकास मात्र कवायद तक ही सिमट कर रह गया ।
जानकारी के अनुसार यह स्थल एक जाना-पहचाना विश्व विख्यात पर्यटक स्थल माना जाता है इस स्थल को विकास का जामा पहनाने एवं स्वच्छ सुंदर बनाने की कवायद समय समय पर बड़े जोर शोर से की जाती रही है परन्तु इस स्थल को न तो सुंदरता न ही विकास न ही स्वच्छता का जामा पहनाया जा सका जिसका नतीजा नगर की सड़कों पर धूल उड़ती दिखाई देने लगी है जैसे तैसे इस स्थल से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा सड़कों को बना तो दिया गया जिसपर धड़ल्ले से छोटे बड़े वाहनों की दौड़ भाग चलती रही परन्तु इस स्थल पर पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी को यह भी रास नहीं आई तथा पाइप लाइन बिछाने के नाम पर बनी बनाई सड़कों की खुदाई कर पाइप बिछा दिये गये तथा खुदाई किये स्थलों पर मात्र मिट्टी बिछाकर इतिश्री कर डाली जिससे सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों से सड़कें धूल मिट्टी से सराबोर होने लगी तथा इस सड़कों पर उड़ने वाली धूल लोगों की विभिन्न गंभीर बीमारी का सबब बन चुकी है यही हाल बसस्टेंड परिसर का बना हुआ है जहां धूल के गुब्बारे लोगों को तो परेशानी खड़ी कर ही रहे हैं बल्कि दुकान पर बिकने वाली खाद्य सामग्री भी धूल की चपेट में आने से दुकानों से खाद्य पदार्थ विक्रय से लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है । इस ओर से स्थानीय प्रशासन तो बेखबर बना ही हुआ है स्वास्थ्य विभाग को भी इस स्थल पर बिकने वाली खाद्य सामग्री को जांचने की फुर्सत नहीं मिल पा रही है इन दिनों नगर में विकास पूरी तरह थमा हुआ है हालांकि इस स्थल को सजाने संवारने एवं विकास का जामा पहनाने बड़े बड़े वादे जोरशोर से किये जाते रहे हैं परन्तु नगर के विकास के वादे चुनावी समय सीमा तक ही सिमट कर रह जाते हैं इस स्थल की सुध न तो प्रशासन न ही शासन को ही रह सकी जिसका खामियाजा यहां नागरिक तो भुगत ही रहें हैं बल्कि इस स्थल पर आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को भी भुगतना पड़ रहा है इसके साथ ही इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की छवि पर भी देश विदेश में विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ रही है ।






