नसीम खान
सांची,,, इस स्थल पर नगर वासियों को मिलने वाली सुविधाओं के नाम पर पानी बिजली जैसी अव्यवस्था से जूझने पर लोगों को मजबूर होना पड़ रहा है तथा इन सुविधाओं पर जनता का पैसा फुंकता दिखाई दे रहा है ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल पर विकास सुंदरता स्वच्छता बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने सरकार ने नगर परिषद को अस्तित्व में लाकर जिम्मेदारी सौंपी थी परन्तु नगर परिषद प्रशासन इन जिम्मेदारियों को दरकिनार करता दिखाई दे रहा है इस जीता जागता उदाहरण नगर में दिनभर स्ट्रीट लाइट का चमकना तथा जलना जारी है लगभग 6 माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी नगर परिषद प्रशासन दिन में जलने वाली बिजली की सुचारू व्यवस्था बनाने में नाकाम दिखाई दे रहा है नगर के बिजली खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइट जो नगर परिषद के अधीन रहती है दिन दिन भर लगातार छह महीने से जल रही है जबकि नगर परिषद प्रशासन द्वारा लाखों रुपए की लागत से एल ए डी लाइटें खरीद कर नगर के अंधेरे से मुक्त कराने लगाई गई थी परन्तु दिन दिन भर जलने के कारणों से कुछ तो बिगड़ गई तथा कुछ बिगड़ने की कगार पर पहुंच गई है इसके साथ ही नगर परिषद पर दिनभर बिजली बेजा जलने का भार पड़ने से भी विद्युत मंडल को अनाप-शनाप भुगतान करना पड़ता है अनेक स्थानों पर दिनभर स्ट्रीट लाइट जलने से लाइटें गर्म होने पर रात्रि में बंद भी हो जाती है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है हालांकि बिजली का यह भार जनता द्वारा जमा किया गया विभिन्न के रूप में भुगतान की गई राशि से करना पड़ता है तथा नगर परिषद प्रशासन द्वारा प्रकाश कर के रूप में लोगों पर थोपे गए कर वसूली कर दिनभर जलने वाली स्ट्रीट लाइट का भार लोगों की जेब पर पड़ रहा है परन्तु प्रशासन इसके सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठा सका है यही हाल नगर की पेयजलापूर्ति का बना हुआ है अभी ठंड का मौसम खत्म भी नहीं हुआ था तथा गर्मी का मौसम आया भी नहीं था कि पेयजलापूर्ति करने वाली लाइनो से गंदा पानी निकलने लगा तथा पाइप लाइन फुटने लगी जिससे लोगों को पेयजलापूर्ति व्यवस्था गड़बड़ाई दिखाई देने लगी इसके साथ ही तथा लाइनों से गंदगी भरा पानी निकलने लगा गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही मूलभूत सुविधाएं दम तोड़ती दिखाई दे रही है परन्तु प्रशासन सुध लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है ऐसा भी नहीं है कि नगर की इन बढ़ती अव्यवस्था से प्रशासन बेखबर हो बावजूद इसके कोई व्यवस्था के लिए कदम नहीं उठाए जा सके । जबकि पठार क्षेत्र जहां पेयजलापूर्ति अभी से दम तोड़ती दिखाई दे रही है पठार पर लोगों को लंबे समय से दो दिन में एक बार पेयजलापूर्ति की जा रही है जिससे नगर में दिनों दिन मूलभूत सुविधाओं का संकट बढ़ने लगा है






