नसीम खान
सांची,,, सांची से दो किमी दूर स्थित कमापार मंदिर परिसर में हुई प्रहलाद सिंह हत्याकांड को लेकर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई थी तथा दोनों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जहां से पुलिस ने दोनों आरोपियों की रिमांड ली थी तथा पूर्व में पांच दिन संदेह के आधार पर पुलिस ने थाने में बैठाकर रखा था तथा इसके बाद उसे छोड़ दिया गया अब पुनः हत्या के आरोपियों से पूछताछ में छोड़े गए व्यक्ति का नाम आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया ।यह कार्रवाई आनन-फानन में करते हुए मीडिया तक को भनक नहीं लगने दी गई । नगर में भी इस हत्याकांड की चर्चा जोरों पर चल पडी है ।
जानकारी के अनुसार विगत गुरुवार को प्रहलाद सिंह रोज की भांति आरती में भाग लेने कमापार मंदिर पहुंचा था जिसकी अज्ञात आरोपियों ने मंदिर से बाहर निकलते ही परिसर में गोली मारकर हत्या कर फरार हो गए थे तब पुलिस ने आसपास क्षेत्र सहित विदिशा के लोगों को थाने में बैठाकर पूछताछ की थी तथा अज्ञात आरोपियों को पकड़ने पुलिस की टीम भी गठित की गई थी तथा रात दिन पुलिस टीम हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने प्रयास कर रही थी तब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गोलू उर्फ शुभम तिवारी तथा शुभम उर्फ पट्टू पटेल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तब पुलिस ने बताया था कि हत्या के पीछे लेन-देन एवं कुछ कागज नहीं मृतक द्वारा आरोपियों को नहीं दिए जा रहे थे जिस कारण हत्या की गई थी इस कारण आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था । तथा आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया तथा पुलिस ने अपनी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड रिमांड पर लिया गया । इसके बाद फिर आरोपियों से पूछताछ की गई तथा अंकेश अग्रवाल नामक व्यक्ति जिसको पुलिस ने पांच दिन संदेह के आधार पर हिरासत में रखा था उसे छोड़ दिया गया आखिर कार पुनः पुलिस ने छोड़ दिये गये अग्रवाल को हिरासत में ले लिया तथा उसे भी हत्याकांड में तीसरे आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया गया । इस पूरे मामले की जांच एसडीओपी की देखरेख में हुई थी अब तीसरे आरोपी को पुलिस ने मीडिया तक को भनक तक नहीं लगने दी तथा आनन फानन में आरोपी बनाने के बाद लेकर रायसेन न्यायालय पहुंच ग ई हालांकि इस पूरे मामले की नगर में चर्चा का दौर जारी रहा तथा लोग छोड़े गए व्यक्ति को लेकर भी संदेह व्यक्त करते दिखाई दिए आखिर कार रिमांड के तीसरे दिन पूरे होने पर तीसरे व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया ।इतने बड़े मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों को पकड़ने पुरुस्कृत करने की घोषणा भी की थी आखिर कार इतने बड़े हत्याकांड में तीसरे व्यक्ति को हिरासत में लिया गया परन्तु इस पूरे मामले से मीडिया को दूर रख कर कार्रवाई करना कहीं न कहीं संदेह को बल मिल रहा है इस मामले में भी लोग चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो जिससे पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं लोगों का संदेह दूर हो सके ।






