नसीम खान
रायसेन,
जिले में समझौता समाधान ‘‘न्याय आपके द्वार‘‘ योजना अंतर्गत 24 फरवरी को जिले के सभी विकासखण्डों तथा नगरीय निकाय अंतर्गत कलस्टर स्तर पर समाधान आपके द्वार शिविरों का आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर श्री अरविंद दुबे के निर्देशानुसार गठित दलों द्वारा राजस्व, पुलिस, विद्युत, वन आदि से संबंधित थानों और न्यायालयों में लंबित विवादों तथा प्रकरणों का पक्षकारों को समझाईश देकर आपसी सहमति से निराकरण कराया गया। इन शिविरों में राजस्व, वन, विद्युत, पुलिस, नगरीय निकायों के न्यायालयों में लंबित व प्रीलिटिगेशन सिविल व आपराधिक विवादों तथा प्रकरणों के साथ ही आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, गैस कनेक्शन, सीएम हेल्पलाईन, समग्र आईडी संबंधी लगभग दो लाख प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए थे, जिनमें से डेढ़ लाख से अधिक प्रकरणों का पक्षकारों को समझाईश उपरांत सहमति से निराकरण हुआ। इससे लगभग तीन लाख से नागरिक लाभान्वित हुए। प्रकरणों के निराकरण उपरांत पक्षकारों से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराते हुए उन्हें पत्र भी प्रदान किया गया।
सम्पूर्ण जिले में विकासखण्डों और नगरीय निकायों में कलस्टर स्तर पर आयोजित किए गए इन समाधान आपके द्वार शिविरों में अधिकाधिक प्रकरणों और विवादों के निराकरण हेतु कलेक्टर श्री अरविंद दुबे द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। साथ ही पक्षकारों से भी अपने विवादों और प्रकरणों को आपसी सहमति से इन शिविरों में निराकृत कराने की अपील की गई थी। कलेक्टर श्री दुबे द्वारा कलस्टर स्तर और तहसील स्तर पर दल गठित किए गए थे। जिन प्रकरणों या विवादों का निराकरण कलस्टर स्तर पर नहीं हो पाया, उनका निराकरण तहसील स्तर पर गठित दलों द्वारा कराया गया। इन दलों का प्रभारी संबंधित एसडीएम तथा तहसील मुख्यालय पर तहसीलदार को बनाया गया।
इन विवादों और प्रकरणों का हुआ निराकरणजिले में समाधान आपके द्वार अंतर्गत आयोजित शिविरों में राजस्व विभाग के तहत फसल हानि के लिये आर्थिक सहायता, कुएं या नलकूप के नष्ट होने पर दी जाने वाली सहायता, बंटवार आदेश के पश्चात नक्शों में बटांकन/तरमीम तथा तरमीम पश्चात अक्स नक्शा, भूमि का सीमांकन करना, सीमांकन विवादों, नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमण सहित अन्य प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार वन विभाग के ऐसे प्रकरण जिनका शमन भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 68 के अंतर्गत शमनीय प्रकरणों का निराकरण किया गया। पुलिस विभाग के प्रकरण जैसे दण्ड प्रक्रिया संहिता (1860 का 45) की धाराओ के अधीन राजीनामा योग्य दण्डनीय अपराधों का शमन, धारा 320 (2) द.प्र.सं. से संबंधित राजीनामा योग्य प्रकरण, 2000, मोटर यान अधिनियम 1988, परकाम्य लिखत अधिनियम 1881, म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915, लोकशांति भंग के मामले, साधारण मारपीट आदि से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया। विद्युत विभाग के विद्युत कनेक्शन, मीटर बंद यो तेज चलने की शिकायत, बिल राशि राशि की वसूली व किश्त सुविधा, विद्युत चोरी या अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों से संबंधित मामलों का निरकारण किया गया। शिविरों में नगरीय निकाय से संबंधित सेवाओं जैसे-जलकर, संपत्तिकर, उपभोक्ता प्रभार एवं अन्य करों से संबंधित बकाया वसूली के प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनके अतिरिक्त अन्य दीवानी प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय से संबंधित प्रकरण, प्री-लिटिगेशन के माध्यम से ऐसे शमनीय प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।






