नसीमखान सांची
सांची,,, विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है महिलाएं सालभर करवा चौथ मनाने इंतजार करती हैं तथा इस दिन महिलाएं निराहार रहकर कठिन व्रत रखती हैं तथा चंद्रमा के दर्शन कर पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत तोडती हैं ।
आज करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है महिलाएं आज के करवा चौथ व्रत का सालभर इंतजार करती हैं ।यह महिलाओं का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को मनाया जाता है इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु एवं स्वस्थ रहने के लिए एवं सौभाग्य प्राप्ति के लिए निराहार रहकर व्रत रखकर चंद्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं तथा चंद्रमा के दर्शन के उपरांत व्रत तोडती हैं ।पौराणिक कथा अनुसार यह व्रत सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए किया था ऐसा माना जाता है कि करवा चौथ के दिन महिलाएं व्रत रखकर चंद्रमा की पूजा अर्चना करती हैं तथा घर में सुख समृद्धि एवं पति के स्वस्थ तथा लंबी आयु की कामना करती हैं यह व्रत सबसे कठिन व्रतों मे से एक है ।करवा चौथ प्रेम तपस्या और समर्पण की पराकाष्ठा का पर्व होता है यह व्रत न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह पति पत्नी के बीच अटूट प्रेम व निष्ठा का प्रतीक भी माना जाता है ।ऐसा माना जाता है कि पत्नी के निराहार व्रत को चंद्रमा की पूजा अर्चना के उपरांत पति अपनी पत्नियों को पानी पिलाकर एवं भोजन कराते हैं ।इस व्रत में पति पत्नी का प्रेम दिखाई देता है इस दिन पत्नियां नये वस्त्र धारण कर सजती संवरती हैं इस दिन पत्नी के समझ पतियों का उपस्थित रहना आवश्यक होता है यह महिलाओं का एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है ।






