घिवरा छग
जिला सक्ती छत्तीसगढ़
रिपोर्टर गिरिजाशंकर देवांगन
बिर्रा उम्र भर अपनी बेटियों को बेटा मानकर परवरिश करने वाले जब दुनिया को अलविदा कहा तो अंतिम संस्कार करने पारिवारिक सदस्यों की ओर मुंह ताकने की नौबत आ गई। इस स्थिति को देखते हुए बेटियों ने साहस का परिचय दिया और पिता की अर्थी को कांधा देकर श्मशान घाट पहुंची और बेटे की तरह क्रियाकर्म करते हुए चिता को मुखाग्नि भी दी।
सक्ती जिला के जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत घिवरा निवासी सीताराम कश्यप का देहांत हो गया। सीताराम की पांच बेटियां हैं और उनके कोई बेटे नहीं है। पिता के निधन के बाद बेटियों ने खुद ही पिता की अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। पांचों बेटियां निर्मला, कमला बाई, शकुंतला,रमतला, और शंतला ने पिता की अर्थी को कांधा देकर श्मशान घाट पहुंची और विधी विधान से क्रियाकर्म करते हुए चिता को मुखाग्नि भी दी।






