जांजगीर-चांपा शक्ति छत्तीसगढ़
संवाददाता दिलेश्वर चौहान
26 नवंबर भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिन है।
भारतीय लोग विश्व का सबसे बड़ा संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के द्वारा लिखित गरीबों के हित, देश की उन्नति सामान्य बंधुता, की सोच को संविधान में समाहित कर सबको समान अधिकार देकर लोकतंत्र को मजबूत कर देश-विदेश में अपनी छाप छोड़ी है।
आज इस संविधान की 75 व वर्षगांठ है,
बाबा साहब अंबेडकर के अगुवाई में 2 साल 11 महीने 18 दिन में कड़ी मेहनतों के बीच संविधान तैयार हुआ। एवं 26 नवंबर 1950 स्वीकार किया गया।
तथा 26 जनवरी 1950 को समता मूलक समाज की स्थापना के लिए बाबा साहब ने
एक वोट एक कीमत दर्जा देकर गरीब या अमीर, राजा हो या रंक , या किसी भी जाति धर्म का हो लोकतंत्र में समान माना जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा उनके द्वारा लिखित दस्तावेज को देश की आर्थिक व्यवस्था चल रही है।
यह देश का सर्वोच्च कानून है इसके ऊपर कुछ भी नहीं। मुख्यमंत्री ने इस अमृत कहा है। उनके शैल चित्र पर माला अर्पण कर कहा की भारतीय संस्कृति की अनूठी व्यवस्था,
अनेकता मे एकता प्रदर्शित करती है
हमारा देश का संविधान जिसके द्वारा शासन व्यवस्था चल रही है मौलिक अधिकारों कि रक्षा ,
एवं कामकाज में मार्गदर्शन भी है।
यह संविधान इतना लचीला यहां गरीब पिछड़े लोग उसका उपयोग कर आगे बढ़कर संपन्न होकर जीवन के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं उन्होंने आगे कहा कि संविधान रूपी अमृत बाबा साहब अंबेडकर की देन है।






