जांजगीर-चांपा शक्ति छत्तीसगढ़।
संवाददाता ,दिलेश्वर चौहान
, छत्तीसगढ़ी स्थापना दिवस 2000 से आशा जगी थी की कुछ छत्तीसगढ़ में नया होगा।
सर्व सुविधायुक्त राज्य्
आम जनता को ध्यान में रखकर स्मार्ट सिटी का केंद्र सरकार के द्वारा बनाया गया था।
वैसे भी बिलासपुर छत्तीसगढ़ का केंद्र है,
जहां रेलवे जोन, हाई कोर्ट , कोल्ड फील्ड, का केंद्र है। बिलासपुर शहर स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बन चुका है।
और कुछ क्षेत्रों का स्मार्ट सिटी योजना के तहत चयन कर विकास भी किया जा रहा है। जिसमें शहर के नेहरू नगर स्मार्ट सिटी रोड से नर्मदा नगर को जोड़ने वाली रोड पर जो ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है।
वहां चारों तरफ ट्रैफिक का दबाव रहता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
ना तो चौक पर कोई ट्रैफिक पुलिस, द्वारा जवान तैनात किए गए हैं और ना ही सिग्नल चालू किया गया, जिसमें ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता साफ देखी जा सकती है।
यहां पर जो ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है वह कई समय से बंद है, इस सड़क से रोजाना विआईपीयो का काफिला गुजराता है।
इसके बाद भी इस बंद ट्रैफिक सिग्नल को शुरू करने ना तो विआईपयों ने पहल की और ना ही ट्रैफिक पुलिस ने ।
जनमानस की की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नेहरू नगर स्मार्ट सिटी रोड से नर्मदा नर्मदा नगर को जोड़ने वाली रोड पर बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल को
सग्ज्ञान लेकर इसे शुरू करवाईनी चाहिए।
इसके कुछ ही दूरी पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए खंबा लगाकर छोड़ दिया गया इस पर भी ट्रैफिक पुलिस को संज्ञान लेना चाहिए।
स्मार्ट सिटी के डायग्राम के आधार पर यहां स्टॉपर के जरिए अस्थाई चौक बनाया जाना चाहिए ,इससे वाहन चालक अपनी दिशा में वाहनों की आवाजाही करें, और ट्रैफिक भी सुचारू से चले तभी स्मार्ट सिटी झलक एवं ट्रैफिक समस्या से छुटकारा मिलेगा।






