नसीमखान
रायसेन,
मप्र शासन के निर्देशानुसार जेण्डर आधारित हिंसा की रोकथाम हेतु मनाए जा रहे हम होंगे कामयाब पखवाड़े के तहत मंगलवार को रायसेन में जिला परिवहन अधिकारी द्वारा बस स्टैंड और रिक्शा स्टैंड पर सभी बस ऑपरेटर, वाहन चालकों, बस कंडक्टर और रिक्शा चालकों से चर्चा कर महिला सुरक्षा के संबंध में समझाइश दी गई। साथ में उपस्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी परिचालकों से महिलाओं और बालिकाओं के प्रति विनम्रतापूर्वक सम्मानजनक व्यवहार करने की समझाइश दी गई।
उन्होंने सभी को महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने की समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में महिला और बालिकाओं की सहायता कर उनको सही गन्तव्य तक पहुँचाने में मदद करें। उपस्थित ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा बताया गया कि शहर में महिलाओं को परेशान करने या छेड़छाड़ करने की घटनाएँ नहीं होती हैं। चालकों द्वारा स्वयं कम सवारी बैठाने, महिलाओं को महिलाओं के साथ बैठाने और उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य स्थान तक पहुँचाने का प्रयास किया जाता है। यदि किसी महिला सवारी की कोई कीमती वस्तुएँ आदि रिक्शा में छूट भी जाती है तो वह ईमानदारी से वापस की जाती है। बस ऑपरेटर द्वारा बताया गया कि वे अपनी बसों में आगे की छह सीट महिला सवारियों के लिए आरक्षित रखते हैं और यह प्रयास करते हैं की महिलाओं को महिलाओं के साथ बैठाया जाए। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा सभी सार्वजनिक परिवहनकर्ता ऑपरेटर और ड्राइवर को अपने वाहनों में महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 या वह 181 नंबर लिखवाने के निर्देश दिए गए। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा सभी बस मालिकों, ऑपरेटर को नए कर्मचारी रखते समय उनका पुलिस वेरिफ़िकेशन अनिवार्य रूप से करवाने की समझाइश दी गई। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री संजय गहरवाल एवं शहरी बाल विकास परियोजना सांची की पर्यवेक्षक श्रीमती आशा सिंह एवं श्रीमती नीता अहिरवार द्वारा स्टैंड पर खड़ी बसों को चेक किया गया और महिला सवारियो को किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता हेतु महिला हेल्पलाइन नम्बर लगाने की समझाइश दी गई।






