फहीम खान भोपाल
कडाके की ठंड में एक बच्चे की नजर एक पेड पर धागे से उलझे एक कबूतर अपने आप को सुलझाने की मशक्कत कर रहा था तभी वहां से गुजरे एक सुमित नाम के बच्चे की नजर उस फडफडाते कबूतर पर पड गई ।लेकिन वह लगभग 50-60 फिट की ऊंचाई पर था जिससे वह अपने आप को लाचार समझ बैठा परन्तु उसनें आसपास के लोगो से इस कबूतर को बचाने की मिन्नत की देखते ही देखते लोग वहां इकट्ठा हो गये परन्तु ऊंचाई के कारण कोई कुछ कर नही सका उसे निकालने की कोशिशें काम न आ सकी तब लोगो ने कबूतर पेड पर फंसे होने की नगर निगम को सूचना दी तब नगर निगम की फायरब्रिगेड पहुंच गई परन्तु ऊंचाई के कारण वह भी सफल नहीं हो सकी तब पुनः निगम को सूचना दी गई तब निगम ने हाईड्रोलिक वाहन भेजी तब इस वाहन मे कार्यरत कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी तब हाईड्रोलिक की मदद से दो लोगों को पेड के ऊपरी हिस्से तक पहुचाया गया तब इस वाहन के आपरेटर इरशाद ने अपने सहायक मोइन खान एवं रवि ने अपनी सूझबूझ से कबूतर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त कर ली तथा कबूतर कै पांव से धागे सुलझा कर उसे आजाद कर दिया ।तब इस घटना को देखने काफी लोग इकट्ठा हो गए थे सभी लोगो ने नगर निगम कर्मचारियों की इस सूझबूझ की सराहना की तथा इस पक्षी की जान बचाने के लिए आभार जताया ।






