प्रेस क्लब विदिशा के तत्वावधान में आयोजित ‘दिया सलाई संवाद’ कार्यक्रम ।

नसीमखान
सांची,,, सांची क्षेत्रांतर्गत मघदम रिसोर्ट मे आज प्रेस क्लब विदिशा द्वारा आयोजित ‘दिया सलाई संवाद’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम सांची स्थित मघदम रिसोर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शांति नोबेल पुरस्कार प्राप्त कैलाश सत्यार्थी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्थी ने अपनी पुस्तक ‘दिया सलाई’ पर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने पत्रकारों से बेबाकी से बात की और उनके द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया। कार्यक्रम में श्री कैलाश सत्यार्थी का जोरदार स्वागत किया गया, जब विदिशा और रायसेन जिले से आए पत्रकारों ने उन्हें शॉल, श्रीफल, और फूलमालाओं से सम्मानित किया।
प्रेस क्लब विदिशा के अध्यक्ष सचिन तिवारी ने भी श्री सत्यार्थी का स्वागत किया और उनके जीवन पर प्रकाशित ‘दिया सलाई’ पुस्तक पर अपने विचार साझा किए। श्री सत्यार्थी ने अपनी पुस्तक में जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं और सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उनके जीवन में विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया ।उन्होंने कहा दिया सलाई पुस्तक का नाम इसलिये दिया गया कि दिया सलाई एक एक मामूली लकडी पर तैयार की गई है परन्तु इस काडी से एक छोटी चिंगारी जीवन में अंधेरा भी कर सकती हैं तथा यही चिंगारी जीवन को रोशन भी कर सकती है तथा समाज को रोशन होने के संदेश भी दे सकती है उन्होंने अपनी जीवनी पर प्रकाश डाला । तथा अपने जीवन में घटित पाकिस्तान में निडरता के साथ बच्चों के हित मे कानून बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार को मजबूर कर दिया था इसी प्रकार उन्होंने सभी पत्रकारों से सबको साथ लेकर चलने सभी को समान अवसर देने पर भी जोर दिया।साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सिमटने का कार्य नहीं है बल्कि पत्रकारिता वह है जो सबसे पिछड़े हाशिये पर खडे व्यक्ति की आवाज बुलंद करने का नाम है यहां पर यह भी बताना जरूरी होगा कि नौबेल पुरस्कार प्राप्त श्री कैलाश सत्यार्थी विदिशा की माटी के सपूत भी है उन्होंने विदिशा को गौरवान्वित किया है ।इस अवसर पर संघमित्रा पत्रकार संघ ने भी श्री सत्यार्थी का फूल मालाओं गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
यह कार्यक्रम पत्रकारों और समाजसेवियों के बीच एक प्रेरणादायक संवाद का अवसर बना और श्री सत्यार्थी के योगदान और उनके संघर्ष की गहरी समझ प्रदान की।कार्यक्रम के समापन अवसर पर विदिशा प्रेसक्लब अध्यक्ष सचिन तिवारी ने आभार व्यक्त किया ।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    नसीमखान सांची माध्यमिक स्तर तक शिक्षा निःशुल्क, उच्च कक्षाओं में विभिन्न मदों के शुल्क से बढ़ी चर्चा; विद्यालय प्रबंधन ने दी सफाईसांची,,,नगर के सांदीपनि शासकीय विद्यालय में कक्षा 9 से…

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    नसीमखान सांची, रायसेनसांची,,,नगर सहित आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश