नसीमखान
सांची।
इन दिनों शादी-ब्याह का सीजन पूरे जोर पर है और सांची इसका प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ के होटल और गार्डन विवाह समारोहों के लिए खुलेआम बुक हो रहे हैं, लेकिन पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था न होने से सड़कों को ही अस्थायी पार्किंग बना दिया गया है। इससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुजरी रात सांची के होटल सम्बोधि में आयोजित एक विवाह समारोह ने पूरे क्षेत्र को मानो थाम सा दिया। तेज आवाज में डीजे, बीच सड़क पर नाचते युवक और बेतरतीब खड़े वाहनों ने सांची से सलामतपुर तक लंबा जाम लगा दिया। यह स्थिति रात करीब 9:30 बजे से 11:45 बजे तक बनी रही, जिसमें चार एम्बुलेंस भी फंसी रहीं, जो अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सकीं।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि यह पूरा जाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना, जहाँ वाहनों का संचालन पहले ही भारी होता है। पुलिस को जब सूचना मिली, तब सांची और सलामतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए डीजे ट्रक (क्रमांक DL ILG 7680) को जब्त कर लिया गया तथा डीजे संचालक नीलेश पिता जमना प्रसाद, उम्र 31 वर्ष, निवासी गांधी नगर, भोपाल पर धारा 285 बीएनएस एवं 7/15 ध्वनि अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई से यातायात व्यवस्था तो बहाल हो गई, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में होटल संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे नगर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस होटल संचालकों के दबाव में है या प्रशासन की मंशा ही कमजोर है?
उच्च न्यायालय के निर्देशों की उड़ रही धज्जियाँ
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय द्वारा डीजे की ध्वनि सीमा और संचालन समय को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन आयोजक और डीजे संचालक इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।
जनता की माँग – होटल व आयोजकों पर हो सख्त कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक होटल संचालकों और आयोजनकर्ताओं पर सीधी कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह बिना देरी किए सख्त निर्देश जारी करे और नियमों का पालन सुनिश्चित कराए।






