रिपोर्ट : राजर्षि मिश्रा की कलम ✍️|Live Khabar India
उमरिया। मानपुर विकासखंड क्षेत्र में झाल-इंदवार प्रोटेक्ट नल-जल योजना की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिछले करीब एक सप्ताह से नल-जल योजना के तहत गांवों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार झाल प्रोजेक्ट के वाटर प्लांट में लो-वोल्टेज की समस्या के चलते प्लांट में लगे डबल पंप नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसके कारण क्षेत्र के कई गांवों में निर्धारित मात्रा में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
बताया जा रहा है कि वाटर ट्री प्लांट झाल में स्टेबलाइजर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्युत समस्या आए दिन बनी रहती है। वहीं क्षेत्र में 33 केवी लाइन से लो-वोल्टेज की समस्या भी लगातार सामने आने की बात कही जा रही है। लो-वोल्टेज के कारण प्लांट के पंपों के संचालन में परेशानी आती है और कई बार प्लांट की व्यवस्था प्रभावित होकर पानी की सप्लाई बंद हो जाती है।
इस समस्या का असर ग्राम चिल्हारी, पलझा, बेल्दी, पड़वार, बम्हनगवां, चंदवार सहित आसपास के कई गांवों में बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना से नियमित पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन विद्युत एवं तकनीकी समस्याओं के चलते कई दिनों तक पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

अल्टरनेट जोन में भी नियमित सप्लाई नहीं
नल-जल योजना में अल्टरनेट जोन के तहत नियमित पानी की सप्लाई नहीं होने से भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। विभागीय स्तर पर बताया जा रहा है कि पहले जोन-1 में पानी की सप्लाई की जाएगी, इसके बाद जोन-2 क्षेत्र में पानी पहुंचाया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से व्यवस्था प्रभावित होने के कारण उन्हें पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
33 केवी लो-वोल्टेज से आए दिन परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन में लो-वोल्टेज की समस्या लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। सब स्टेशन चिल्हारी से 33 केवी जाकर प्लांट पहुंचती है जिससे लो वोल्टेज से इसका सीधा असर झाल के वाटर ट्री प्लांट पर पड़ रहा है। लो-वोल्टेज के कारण डबल पंप एक साथ नहीं चल पा रहे हैं, जिससे प्लांट की क्षमता के अनुसार पानी का उत्पादन और वितरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर नल-जल योजना तैयार किए जाने के बावजूद यदि विद्युत और तकनीकी समस्याओं के कारण कई-कई दिनों तक पानी की सप्लाई बंद रहती है, तो योजना के उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि झाल वाटर ट्री प्लांट की विद्युत व्यवस्था की तत्काल जांच कराई जाए, स्टेबलाइजर सहित आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाए तथा लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही प्लांट में डबल पंपों को सुचारु रूप से संचालित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी जोन में नियमित जलापूर्ति हो सके।

ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने की मांग
ग्रामीणों ने नल-जल योजना की संपूर्ण व्यवस्था की जांच कर संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत एवं तकनीकी समस्या के कारण यदि बार-बार योजना बंद हो रही है, तो उसका स्थायी समाधान करना संबंधित विभाग और योजना संचालन से जुड़े जिम्मेदारों की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब सुधरेगी नल-जल योजना की व्यवस्था? यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं हुई और समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
इनका कहना है.
चिल्हारी निवासी ग्रामीण राजू श्रीवास्तव ने बताया कि लो-वोल्टेज का हवाला देकर करीब एक सप्ताह से नल-जल योजना की पानी की सप्लाई बंद पड़ी है। झाल प्रोजेक्ट में पर्याप्त विद्युत वोल्टेज नहीं मिलने के कारण प्लांट में डबल पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे गांवों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। प्रशासन को इस समस्या का तत्काल समाधान कर नियमित पानी की सप्लाई बहाल करनी चाहिए।
महिला सुशीला बाई ने बताया कि करीब एक सप्ताह से नल-जल योजना की सप्लाई बंद होने के कारण घरों में पानी की भारी समस्या हो रही है। लो-वोल्टेज के कारण प्लांट में पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समस्या का जल्द समाधान कर नियमित रूप से नल-जल की सप्लाई शुरू कराई जाए।
इनका कहना
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय* से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कॉल ही रिसीव नहीं हुआ।




