रिपोर्ट: नाजिर अली |Live Khabar India
विदिशा जिले की सिरोंज तहसील के ग्राम गेहूंखेड़ी में बस किराया बढ़ोतरी के विरोध में स्कूली बच्चों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। बस किराया अचानक बढ़ाए जाने से नाराज छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए और बस के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। बच्चों का कहना था कि किराया बढ़ने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, क्योंकि अधिकांश छात्र आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बस के माध्यम से स्कूल पहुंचते हैं।
जानकारी के अनुसार, गेहूंखेड़ी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए निजी बसों का उपयोग करते हैं। हाल ही में बस किराया ₹5 से बढ़ाकर ₹10 कर दिया गया था। किराया दोगुना होने से छात्रों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा। इसी के विरोध में बच्चों ने एकजुट होकर बस के सामने बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने बस किराया बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और ऐसे में किराए में अचानक हुई वृद्धि उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। छात्रों ने बताया कि यदि किराया इसी तरह बढ़ा रहा तो कई बच्चों के लिए नियमित रूप से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
घटना की जानकारी मिलने पर बस संचालक और स्थानीय लोगों ने बच्चों से चर्चा की। इस दौरान सोनी ट्रेवल्स के संचालक नरेंद्र सोनी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि स्कूली छात्रों से बढ़ा हुआ किराया नहीं लिया जाएगा।
नरेंद्र सोनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो छात्र पहले ₹2 किराया देते थे, उनसे आगे भी ₹2 ही लिया जाएगा, जबकि जो छात्र ₹5 किराया देते थे, उनसे ₹5 ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था जारी रहेगी और स्कूली बच्चों पर किराया वृद्धि लागू नहीं की जाएगी।
बस संचालक के इस आश्वासन के बाद बच्चों में खुशी का माहौल देखने को मिला। छात्रों ने तालियां बजाकर निर्णय का स्वागत किया और अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात व्यवस्था भी सामान्य हो गई।
स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचाने में परिवहन सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और किराए में अत्यधिक वृद्धि उनके भविष्य पर असर डाल सकती है।
फिलहाल बस संचालक द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन और शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।




