गंजबासौदा में 12 वर्षीय बच्चे को बांधकर मोटरसाइकिल से घसीटा, चार पीड़ित बच्चों को बाल गृह भेजा गया, आरोपी अब तक फरार
गंजबासौदा बाल उत्पीड़न मामला
रिर्पोट: नाजिर अली |विदिशा
गंजबासौदा। विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील के ग्राम पड़रिया शिवरामपुर में सामने आए 12 वर्षीय बालक के साथ अमानवीय हिंसा के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने ही 12 वर्षीय बेटे के हाथ-पैर बांधकर उसे मोटरसाइकिल से घसीटा, जिससे बच्चे को गंभीर चोटें आईं। मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने चारों पीड़ित बच्चों को सुरक्षित आश्रय के लिए भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया है। वहीं आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
सरपंच ने बचाई बच्चों की जान
ग्राम सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी के अनुसार, 26 जुलाई की रात घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे सहित अन्य बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही अंबानगर पुलिस चौकी को फोन कर घटना की सूचना दी गई।
सरपंच ने इस मामले की जानकारी सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के कार्यकर्ता दीपक मिश्रा और हजारीलाल पाटस्कर को भी दी। संगठन की पहल पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना देकर बच्चों की सुरक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
दादी बच्चों को लेकर चली गईं, फिर सुरक्षित ढूंढकर सीडब्ल्यूसी के सामने किया पेश
अगले दिन बच्चों को बाल कल्याण समिति, विदिशा के समक्ष प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन उनकी दादी बच्चों को अपने साथ लेकर कहीं चली गईं। इसके बाद सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी ने बच्चों को सुरक्षित खोजकर अपने घर में संरक्षण दिया।
बाद में संगठन के कार्यकर्ता दीपक मिश्रा, हजारीलाल पाटस्कर और अंकित शर्मा बच्चों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मेडिकल और काउंसलिंग के बाद चारों बच्चों को भेजा गया भोपाल
बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और विशेषज्ञों द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समिति ने चारों बच्चों को भोपाल स्थित बाल गृह भेजने के निर्देश दिए।
इसी दौरान बच्चों के पिता के खिलाफ देहात थाना गंजबासौदा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी
सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया है। उनका कहना है कि आरोपी गांव में कुल्हाड़ी लेकर खुलेआम घूम रहा है और उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से नशे का आदी है और अपने बच्चों के साथ लगातार मारपीट व प्रताड़ना करता रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक वह लगभग प्रतिदिन बच्चों के साथ हिंसा करता था। यहां तक कि एक बार उसने अपने ही बच्चे को उल्टा लटकाकर आग लगाने का प्रयास भी किया था।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी की धमकियों और गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।





