Live khabar india Desk
नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी बहस और जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेपर लीक के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों की मेहनत को प्रभावित करती हैं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। ऐसे में दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, पटेल चौक और जनपथ समेत दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में सभी मेट्रो स्टेशनों को दोबारा खोल दिया गया। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों के करीब 2000 जवानों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान झड़प, FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा RAF के जवानों के साथ मारपीट और उनके वाहन पर पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर के छात्रों में नाराजगी है और वे निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सरकार की ओर से घोषित सख्त कार्रवाई कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू होती है। जंतर-मंतर से उठी यह आवाज आज देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।






