सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा आ रे वाहनों की चपेट में

नसीम खान
गौशाला भी पशुओं के काम न आ रही।
सांची,,,इन दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग सहित नगर की सड़कों को नगर में आवारा फिरने वाले पशुओं ने अपनी चारागाह बना डाली तथा इन पशुओं को सुरक्षित रखने करोड़ों रुपए की लागत से अनेकों गौशालाओं का निर्माण तो सरकार ने क्या डाला परन्तु इन गौशालाओं में इन बेजुबान पशुओं को दूर रखकर असमय मौतके मुंह में ढकेल दिया गया है । जिससे आये दिन सड़कों पर पशुओं को वाहनों की चपेट में आकर दम तोडना पड़ती है अथवा तड़पने पर मजबूर होना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार सड़कों पर आवारा फिरने वाले पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने जगह जगह ग्रामों में लाखों करोड़ों खर्च कर गौशालाओं का निर्माण करा डाला जिससे इन आवारा फिरने वाले पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके तथा सड़कों से पशु दूर रह सकें एवं इन पशुओं को बेमौत मरने से रोका जा सके । बावजूद इसके यह गौशाला मात्र दिखावा बनकर रह गई बताया जाता है इन गौशालाओं में शासन पशुओं को खिलाने पिलाने अतिरिक्त व्यवस्था जुटाता है परन्तु इतना सब होने के बाद भी पशु गांव शहर कस्बों की सड़कों को ही अपनी चारागाह बना कर तथा झुंड के झुंड सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं कभी कभी तो पशुओं की अपनी वाहनों की चपेट में आकर दम तोडना पड़ता है अथवा घायल अवस्था में दिनों महीनों तड़पने पर मजबूर होना पड़ता है परन्तु इन पशुओं की सुध न तो प्रशासन न ही जिम्मेदार लेने की जहमत उठा पा रहे हैं इनमें ऐसा भी नहीं है कि सभी पशु आवारा हो जबकि अनेक पशुओं को तो पशु मालिक दूध निचोड़ कर भगवान भरोसे छोड़ देते हैं तथा जब कभी किसी वाहन की चपेट में आ जाता है तथा वाहन चालक हत्थे चढ़ जाता है तब हूं हल्ला कर बवाल खड़ा होने में देर नहीं लगती परन्तु सड़कों से इन पशुओं को न तो पशु मालिक ही सुध ले पाते हैं न ही अन्य कोई आगे बढ़ पाता है तब इन गौशालाओं पर न तो शासन न ही प्रशासन की नजर पहुंच पा रही है सड़कों पर दुर्घटना ग्रस्त हुए पशुओं को नगर परिषद अपने वाहन से उठा कर मौत के मुंह में समाये पशुओं को ठिकाने लगा दिया जाता है तथा घायल पशुओं को पशु चिकित्सालय अथवा बसस्टेंड परिसर के यात्री प्रतीक्षालय में तड़पने के लिए छोड़ इतिश्री कर ली जाती है इन तड़पते पशुओं को पशु चिकित्सालय में भी लापरवाही के चलते तथा अप-डाउन के चलते ठीक-ठाक उपचार नहीं मिल पाता है तथा यहां भी इन्हें भगवान भरोसे खुले में छोड़ देते हैं नगर के चाक चौराहों पर बड़ी संख्या में आवारा पशुओं का विचरण होता रहता है कभी कभी तो लोगों को भी यह पशु गंभीर घायल कर देते हैं परन्तु नगर परिषद प्रशासन अपनी खाना पूर्ति कर बेफिक्र होकर बैठ जाता है परन्तु इन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो पाती है ।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    नसीमखान सांची ₹125 लाख की जलसंवर्धन योजना समयसीमा के तीन वर्ष बाद भी अधूरी, बारिश के मौसम में भी नहीं बदली जलापूर्ति व्यवस्थासांची,,, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं ऐतिहासिक नगरी सांची…

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

    बड़ी खबर :NEET विवाद की गूंज: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेजा इस्तीफा, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    बड़ी खबर :NEET विवाद की गूंज: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेजा इस्तीफा, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’