नसीम खान
सांची,,, सांची स्मारक क्षेत्र और आसपास के वन क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ समय-समय पर क्षेत्र में दिखाई देता रहा है। वहीं आसपास पालतू पशुओं पर तेंदुए द्वारा हमला किए जाने की घटनाएं भी सामने आने की बात कही जा रही है। इसके चलते ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है।
तेंदुए के विचरण की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने मानव एवं वन्यजीव सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 14 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वहीं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक (CWLW), भोपाल से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेंदुए के रेस्क्यू के लिए पिंजरा भी लगाया गया है।
वन विभाग का मैदानी अमला तेंदुए की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। कैमरा ट्रैप से प्राप्त फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर उसके आवागमन और विचरण क्षेत्र का पता लगाया जा रहा है। गतिविधियों के आधार पर रेस्क्यू दल द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सांची महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल होने के कारण वन विभाग द्वारा पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विभाग ने नागरिकों से तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पीछे नहीं जाने, भीड़ नहीं लगाने और उसे उकसाने का प्रयास नहीं करने की अपील की है। साथ ही तेंदुए की सूचना तत्काल वन अमले को देने तथा सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने से बचने को कहा है।
तेंदुए की लगातार मौजूदगी और पशुओं पर हमले की चर्चाओं के बीच अब ग्रामीणों की निगाह वन विभाग की निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू कार्रवाई पर टिकी है।





