नसीमखान
सांची,,, विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगरी सांची की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल होने के कारण यहां निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि वर्षभर बिजली मरम्मत के नाम पर कार्य चलते रहते हैं, इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं रहता। बिजली कब चली जाए और कब वापस आए, इसका कोई भरोसा नहीं है। बार-बार होने वाली कटौती से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली गुल होते ही पूरा नगर अंधेरे में डूब जाता है। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप पड़ जाती है, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती है। नागरिकों का आरोप है कि पिछले लगभग पंद्रह दिनों से बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर कटौती और अधिक बढ़ गई है।
इधर, सांची में जी-20 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के संभावित आगमन की चर्चाओं के बीच भी बिजली व्यवस्था का यह हाल स्थानीय लोगों में चिंता का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारी व्यवस्था सुधारने में अपेक्षित सफलता नहीं दिखा पा रहे हैं।
नगरवासियों ने यह भी शिकायत की है कि बार-बार बिजली गायब रहने के बावजूद बिजली बिलों में खपत लगातार दर्ज हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। नागरिकों ने विद्युत विभाग से शीघ्र स्थायी समाधान कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। विश्व धरोहर नगरी की पहचान के अनुरूप यदि मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ नहीं होंगी, तो स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा।


