रिपोर्ट: नसीम खान |Live Khabar India
पानी निकासी और नालियों के अभाव में जलभराव, जनपद मुख्यालय से महज तीन किमी दूर विकास दावों की खुली पोल
सांची:(रायसेन) जनपद पंचायत सांची के अंतर्गत आने वाली 83 ग्राम पंचायतों में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इन दावों की वास्तविकता ग्राम पंचायत उचेर के मुख्यालय में साफ दिखाई देती है। यहां वर्षों से पानी निकासी और नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर जलभराव और दलदल की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों को प्रतिदिन इसी गंदे और कीचड़युक्त रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम उचेर स्वयं ग्राम पंचायत उचेर का मुख्यालय है, जहां लगभग तीन हजार की आबादी निवास करती है। इस पंचायत के अंतर्गत चार गांव आते हैं, लेकिन पंचायत मुख्यालय की ही बदहाल स्थिति विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में भी सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं, जबकि कई स्थानों पर बिना बारिश के भी पानी भरा रहता है।
हैरानी की बात यह है कि ग्राम पंचायत उचेर, जनपद पंचायत सांची मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पंचायत को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जनपद पंचायत सदस्य भी इसी समस्या से प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब जनपद मुख्यालय के इतने निकट स्थित पंचायत की यह स्थिति है, तो दूरस्थ ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
इनका कहना है—
कैलाश बुनकर, जनपद पंचायत सदस्य, उचेर ने कहा, “यह ग्राम पंचायत उचेर का मुख्यालय है। यहां सड़कों पर जलभराव आम बात हो गई है, जबकि अभी अधिक बारिश भी नहीं हुई है। हमने कई बार ग्राम पंचायत को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं निकला। अब हम जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को पत्र देकर स्थायी समाधान की मांग करेंगे।”
आकांक्षा अग्रवाल, उपयंत्री, जनपद पंचायत सांची ने बताया, “जिस सड़क पर अधिक जलभराव हो रहा है वह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क है, इसलिए उसकी खुदाई पंचायत नहीं करा सकती। हालांकि गांव के भीतरी क्षेत्रों में जहां जलभराव की समस्या है, वहां निरीक्षण कर स्थायी समाधान के प्रयास किए जाएंगे।”
आखिर कार अब प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है
जनपद मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित उचेर पंचायत की बदहाल तस्वीर ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। अब ग्रामीणों को प्रशासन की ठोस कार्रवाई का इंतजार है।


