नहीं थम रहा अवैध शराब का कारोबार ।प्रशासन बेसुध ।

नसीमखान
सांची,,,, क्षेत्र भर मे अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले पा रहा है ।नशे की लत मे युवा वर्ग आगे बढ़ रहा है सम्बन्धित विभाग सहित पुलिस पूरी तरह बेखबर बनकर क्षेत्र वासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों क्षेत्र भर मे शराब माफिया का जाल फैला हुआ है इस पवित्र बौद्ध स्थली पर तो सरकार ने एक के स्थान पर दो दुकान खोल रखी है जिससे इन शराब दुकानों पर शाम ढलते मेले जैसा नजारा दिखाई देने लगता है सडको पर शराब के शौकीन अपने वाहनों का खडा कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों के लिए परेशानी का सबब बन जाते है इसके साथ ही आसपास सारे क्षेत्र में शराब का खुला कारोबार धडल्ले से चलाया जा रहा है शराब माफिया के वाहनों में शराब लादकर गांवगांव घर घर शराब पहुंचाई जाती हैं इस शराब से सबसे अधिक युवा वर्ग इसका आदि होता जा रहा है इस शराब के अवैध व्यापार से शराब माफिया की तो चांदी कट रही हैं परन्तु गरीब गुरबा परिवार उजडऩे पर मजबूर हो चुके है हालांकि इस शराब से अनेक परिवार टूट चुके है तथा कुछ टूटने की कगार पर पहुंच चुके है बताया जाता हैं शराब माफिया अपने को बचाने लंबी लंबी सेवा शुल्क से अपने को सुरक्षित कर लेते हैं इन दिनों शराब समाज का पूरी तरह बर्बाद करने का साधन बन चुका है एक तरफ सरकार एवं प्रशासन नशा मुक्त समाज की स्थापना की धींगे भरने में पीछे नहीं रहते दूसरी तरफ सरकार के ही प्रशासन चलाने वाले सम्बंधित अधिकारी इस नशे के खतरनाक खेल को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाते जिससे सरकार एवं प्रशासन की नशामुक्ति अभियान मात्र कागजी बनकर रह जाता हैं तथा इस अभियान की मंशा पर पानी फिर जाता है ।सांची मे तो धडल्ले से शराब का कारोबार फलफूल रहा है जिससे इस प्रसिद्ध पवित्र बौद्ध स्थली की छवि दिनों दिन बिगडती जा रही हैं इसके साथ ही समीपवर्ती ग्राम काछीकानाखेडा आमखेड़ा त्रिमूर्ति चौराहा सहित गुलगांव ऐरन चिरोली सूखा करार उचेर जैसे अनेक गांव शराब की जकड़न मे जकड चुके है जब जब आबकारी विभाग के अधिकारियों से बात होती हैं तब एक ही जवाब सुना जाता है कि हमें शराब ढोने वाले वाहन क्र एवं शराब बेचने के पाइंट बताये जाये ।जब नागरिक ही सब ठिकाने बताने लगे तब सरकार आबकारी अमले पर लाखों करोड़ों के वेतन क्यों खर्च कर रही है इसी प्रकार पुलिस की नाक के नीचें सबकुछ होते हुए भी पुलिस अनजान बनी रहती हैं इससे सरकार की छवि पर प्रभाव पड़ता दिखाई देता है ।बहरहाल इस मामले में शराब माफिया पर लगाम लगाना असंभव सा दिखाई देता है तथा लोगो के परिवार उजडऩे लगते है ।इतना ही नहीं शराब माफिया की क्षेत्र भर में दहशत के चलते लोग चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पाते ।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    नसीमखान सांची ₹125 लाख की जलसंवर्धन योजना समयसीमा के तीन वर्ष बाद भी अधूरी, बारिश के मौसम में भी नहीं बदली जलापूर्ति व्यवस्थासांची,,, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं ऐतिहासिक नगरी सांची…

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

    बड़ी खबर :NEET विवाद की गूंज: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेजा इस्तीफा, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    बड़ी खबर :NEET विवाद की गूंज: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेजा इस्तीफा, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’