नसीमखान
रायसेन,
सड़क दुर्घटनाओं में होनी वाली मृत्युदर में कमी लाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई “राह-वीर” योजना का जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा अधिकारियों को दिए। उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर, जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों तथा सार्वजनिक स्थलों पर राह-वीर योजना की जानकारी संबंधी बैनर, फ्लैक्स लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
योजना की गाईड लाईन के अनुसार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को “गोल्डन ऑवर” अर्थात दुर्घटना से एक घंटे की समयावधि में अस्पताल पहुंचाने वाले “राह-वीर” को 25 हजार रूपये की नगद प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। इसके साथ ही चुने हुए “राह-वीरों” में से सबसे योग्य 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपए पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य गोल्डन ऑवर अर्थात दुर्घटना होने के एक घंटे के भीतर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
राहवीर योजना में पुरस्कार हेतु चयन किए जाने की प्रक्रिया राहवीर योजना की गाईड लाईन के अनुसार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को “गोल्डन ऑवर” अर्थात दुर्घटना से एक घंटे की समयावधि में अस्पताल पहुंचाने वाले “राह-वीर” को 25 हजार रूपये की नगद प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति गठित की गई है। मूल्यांकन समिति में जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, सीएमएचओ, आरटीओ होंगे शामिल हैं। गठित समिति द्वारा पुलिस थाना, अस्पताल या ट्रामा केयर सेंटर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। इसकी प्रति संबंधित “राह-वीर” को भी भेजी जाएगी। गंभीर दुर्घटना की परिभाषा में घायल व्यक्ति की मेजर सर्जरी होने, मस्तिष्क में चोट लगने या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने, तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने या उपचार के दौरान मृत्यु होना शिमल है। घटना की सूचना राहवीर यदि पुलिस को देता है तो डॉक्टर से सत्यापित एक पावती उसे मिलेगी। राहवीर पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाता है तो पुलिस ऐसे राहवीर को लेटर पैड पर पावती देगी। किसी व्यक्ति को एक साल में अधिकतम 5 बार राहवीर पुरस्कार मिल सकेगा। पुरस्कार की राशि संबंधित व्यक्ति के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। एक से ज्यादा लोग होने पर इनाम की राशि उनमें बराबर बंटेगी। साल में राष्ट्रीय स्तर पर 10 सर्वश्रेष्ठ राहवीरों का चयन होगा। राज्य स्तरीय निगरानी समिति राष्ट्रीय स्तर के लिए तीन राहवीरों का चयन करेगी।






