नसीमखान सांची
सांची,,,
विश्व ऐतिहासिक नगरी सांची के बसस्टैंड परिसर में स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। प्रतिमा स्थल की समुचित देखरेख न होने के कारण शाम ढलते ही चबूतरे पर आवारा कुत्तों का जमघट लग जाता है, जिससे बाबा साहब की प्रतिमा का अनादर होता प्रतीत हो रहा है।
यह प्रतिमा बाबा साहब के अनुयायियों व देशी-विदेशी पर्यटकों के दर्शन हेतु स्थापित की गई थी। दिन के समय बड़ी संख्या में अनुयायी व पर्यटक यहां श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं, वहीं विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की जाती है। परंतु रात होते ही पूरा परिसर सूना हो जाता है और प्रतिमा असुरक्षित रह जाती है।
गौरतलब है कि प्रतिमा स्थल के आसपास कई शासकीय कार्यालय स्थित होने के बावजूद सुरक्षा व संरक्षण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पूर्व में असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिमा से छेड़छाड़ का प्रयास भी हो चुका है, फिर भी आज तक स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने बताया कि बाबा साहब देश के महान महापुरुष हैं और उनकी प्रतिमा का सम्मान हम सभी का दायित्व है। प्रतिमा स्थल पर छत्री, लोहे की जाली तथा आसपास फूलदार पौधे लगाने की योजना है, जिसे शीघ्र अमल में लाया जाएगा।
महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्थापना से नहीं, सतत संरक्षण से सम्मान पाती हैं—अब देखना है जिम्मेदार कब जागते हैं।






