नसीमखान सांची
सांची,,,
नगर सहित पूरे क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर अभियान के तहत पुराने बिजली मीटर निकालकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में उपभोक्ताओं के घरों से हटाए गए पुराने मीटर अब मंडल कार्यालय परिसर में कचरे के ढेर के रूप में तब्दील हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में कुछ वर्ष पूर्व ही बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर नए मीटर लगाए गए थे, जिनकी खरीद पर वितरण कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। बावजूद इसके अब स्मार्ट मीटर अभियान के नाम पर उन मीटरों को हटाकर नए मीटर लगाए जा रहे हैं।
हटाए गए पुराने मीटरों को न तो किसी व्यवस्थित स्थान पर सुरक्षित रखा गया है और न ही उनके संरक्षण की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। मंडल कार्यालय परिसर में ये मीटर खुले में पड़े हुए हैं, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति की बर्बादी हो रही है बल्कि चोरी और दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन मीटरों की खरीद-फरोख्त में पहले ही मंडल को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था, वही मीटर अब कबाड़ बनकर पड़े हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जनता के पैसों की सुरक्षा को लेकर विद्युत वितरण कंपनी कितनी गंभीर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो सरकारी संपत्ति की लूट और बर्बादी पर कोई अंकुश नहीं लग पाएगा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस पूरे मामले में पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रहे हैं।
स्मार्ट व्यवस्था के नाम पर सरकारी संपत्ति का यह हाल, जनता के पैसों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।






