नसीमखान
रायसेन,
रायसेन जिले के मण्डीदीप स्थित हिन्दुस्तान इलेक्ट्रोग्रेफाइट कंपनी लिमिटेड में रासायनिक औद्योगिक आपदा/केमिकल रिसाव की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित राहत और बचाव कार्य की तैयारियों को परखने हेतु मॉक ड्रिल की गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। रैपिड एक्शन फोर्स, जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय नागरिकों द्वारा भी इस मॉक ड्रिल में सहभागिता की गई।
मॉक ड्रिल की शुरूआत हिन्दुस्तान इलेक्ट्रोग्रेफाइट कंपनी लिमिटेड में केमिकल लीकेज की सूचना से हुई। लीकेज की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और जिला प्रशासन, पुलिस, अस्पताल और कम्पनी के अधिकारियों को सूचना देते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए। केमिकल के प्रभाव को कम करने केमिकल टैंक पर पानी की बौछार शुरू की गई और लीकेज को ठीक करने का कार्य शुरू किया गया। साथ ही प्रभावितों को आवश्यक प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल भेजा गया। मॉक ड्रिल के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की डिप्टी कमांडेन्ट श्वेता राणा, अपर कलेक्टर श्रीमती श्वेता पवार, एएसपी श्री कमलेश कुमार सहित स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
रैपिड एक्शन फोर्स की डिप्टी कमांडेन्ट श्वेता राणा ने बताया कि बढ़ते औद्योगिकीकरण के साथ हमें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य औद्योगिक आपदा होने पर त्वरित राहत और बचाव कार्य की तैयारियों को परखने के साथ ही आपदा प्रबंधन के सरकारी व गैर सरकारी तंत्रों के मध्य समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः केमिकल डिजास्टर जैसी घटनाएं मानवीय त्रुटि के कारण हो जाती हैं, इसलिए सभी उद्योगों को आपदा प्रबंधन योजना एवं टीम बनानी चाहिए। साथ ही नागरिकों को भी इसके जागरूक रहना चाहिए।






